Nishant Kumar : राजनीति में अपनी संभावित एंट्री को लेकर चल रही अटकलों पर सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। निशांत अपनी मां मंजू सिन्हा की जयंती पर उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे, जहां पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया और कुछ सवाल पूछे...
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने फिर से अपने पिता के वोट मांगे हैं। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि मैं राज्य के लोगों, खासकर युवाओं से अपील करता हूं कि इस बार बड़ी संख्या में पार्टी को वोट दें। पिताजी ने राज्य का विकास किया है। 2020 में जनता दल यूनाईटेड को सिर्फ 43 सीटें मिली थीं, लेकिन मेरे पिता के नेतृत्व में विकास कार्य जारी रहे। इस बार भी विकास की गति बनी रहे, हमें सीटों की संख्या बढ़ानी होगी। उन्होंने ये "दिल मांगे मोर" वाले डायलॉग जैसे कहा कि इस बार अधिक सीटें मांगता है।
विज्ञापन
बिल्कुल, वह ऐसा कहेंगे। दोनों सहयोगी हैं
वहीं राजनीति में अपनी संभावित एंट्री को लेकर चल रही अटकलों पर उन्होंने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। निशांत अपनी मां मंजू सिन्हा की जयंती पर उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे, जहां पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया। पत्रकारों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके पिता नीतीश कुमार के लिए 'लाड़ला' (प्रिय) शब्द का इस्तेमाल किया गया, तो निशांत मुस्कुराते हुए कहा कि बिल्कुल, वह ऐसा कहेंगे। दोनों सहयोगी हैं। विपक्षी नेताओं द्वारा इस शब्द के इस्तेमाल पर जद(यू) सुप्रीमो का अपमान करने के आरोपों के सवाल पर निशांत कुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
इस सवाल पर कहा- "बस छोड़िए"
निशांत ने उम्मीद जताई कि उनके पिता को "एनडीए द्वारा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया जाएगा" और चुनाव के बाद वह मुख्यमंत्री बने रहेंगे। निशांत ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि मैं उनसे आग्रह करूंगा कि वे हमारे पिता द्वारा पिछले 19 वर्षों में किए गए प्रयासों को लोगों तक पहुंचाएं। इधर, पत्रकारों ने निशांत से राजनीति में आने की योजना के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने ने हंसते हुए यह कहा कि यह जनता पर निर्भर है कि किसे किस पक्ष में होना चाहिए। हालांकि, जब पत्रकारों ने बार बार पूछा कि क्या वह राजनीति में आ रहे हैं? तो निशांत ने संक्षेप में कहा कि "बस छोड़िए।"। यह कहते हुए निशांत वहां से चले गए।