परिजनों की गुहार भी अस्पताल वालों ने नहीं सुनी।
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सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जहां सड़क हादसे में जख्मी एक युवक की नेपाल में इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। लेकिन मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बिना फीस चुकाए शव देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद आर्थिक रूप से लाचार परिजनों को बिना शव के ही वापस घर लौटना पड़ा। बड़ी बात यह कि परिजनों को शव का अंतिम संस्कार किए बिना ही कर्मकांड करना पड़ा है। मामला जदिया थाना क्षेत्र के कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत वार्ड 13 का है। जहां के झमेली पासवान के दोनों पुत्र बीते 15 अक्टूबर को राजगांव एसएच 91 पर हादसे में गंभीर रूप जख्मी हो गए थे। जिसके बाद गंभीर रूप से जख्मी रोशन कुमार पासवान को परिजनों ने इलाज के लिए नेपाल के विराटनगर स्थित न्यूरो कार्डियो एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जबकि दूसरे पुत्र अमरेन्द्र पासवान को मधेपुरा मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। इसी दौरान रोशन की बीते 24 अक्टूबर को न्यूरो अस्पताल में मौत हो गई।
नेपाली 4 लाख 7 हजार रुपए का बिल नहीं चुका पाए परिजन
मौत के बाद अस्पताल प्रबंधक ने 4 लाख 7 हजार नेपाली मुद्रा का बिल चुकाने को कहा। जिसे चुकाने में परिजनों ने लाचारी जाहिर की और न्यूरो अस्पताल प्रबंधक को अपनी गरीबी और मजबूरी की जानकारी दी। लेकिन, अस्पताल प्रबंधन ने बिना बिल चुकाए शव परिजनों को देने से इनकार कर दिया। लिहाजा, निराश होकर शव को अस्पताल में ही छोड़ कर मृतक के पिता सहित सभी परिजन वापस घर लौट आए और बिना दाह संस्कार के ही क्रियाकर्म की प्रक्रिया पूरी कर ली।
अस्पताल प्रबंधक ने सुपौल डीएम को लिखा पत्र, अब घर लाया गया शव
इधर, मौत के 15 दिन बीत जाने के बाद अस्पताल प्रबंधक सुरेश कुमार आचार्य ने सुपौल डीएम को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया। जिसके बाद डीएम कौशल कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया और त्रिवेणीगंज एसडीएम को शव नेपाल से लाने के निर्देश दिए। जिसके बाद प्रशासनिक सहयोग से मृतक के परिजन शव लाने नेपाल रवाना हुए। बुधवार को शव सुपौल लाया गया।
डीएम के निर्देश पर प्रशासन ने साधा परिजनों से संपर्क
कोरियापट्टी पश्चिम के मुखिया रामानंद यादव ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से मृतक के परिजन शव लाने के लिए नेपाल गए हुए हैं। इधर, त्रिवेणीगंज एसडीएम शंभूनाथ ने कहा कि जिलाधिकारी कौशल कुमार के आदेश के आलोक में मृतक के परिजनों से बात की गई। मृतक के परिजनों द्वारा कस्टम प्रक्रिया के बाद शव लाया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेजा गया है।