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Bihar News: महागठबंधन के मुकेश सहनी ने सीएम नीतीश के शराबबंदी का किया समर्थन, कहा- अच्छी पहल है

Mon, 07 Oct 2024 05:09 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने भले मन से बिहार में शराबबंदी लागू किया। शराब पीकर गरीब परिवार के लोग बीमार पड़ रहे थे और मर रहे थे। लेकिन अब शराबबंदी पूरी तरह फेल हो गई है। इस पर पुलिस और माफिया का कब्जा है।
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वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी सोमवार को सुपौल पहुंचे। जहां उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित होटल आरके पैलेस में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक के दौरान संगठन की मजबूती और विस्तार सहित 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। वही बैठक के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान मुकेश सहनी ने डिप्टी सीएम के पद पर दावा ठोका। कहा कि निषाद आरक्षण को लेकर वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।

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विधानसभा चुनाव के बाद तेजस्वी यादव का सीएम बनना तय
केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार निषादों को उनके हक से वंचित कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के चार उम्मीदवारों को जीत दिलाई थी। इस बार 40 की तैयारी है। जब पार्टी के 40 विधायक होंगे तो सरकार भी अपनी होगी। तब निषादों को उनका हक मिल कर रहेगा। मुकेश सहनी ने कहा कि वह इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं और अगले विधानसभा चुनाव के बाद तेजस्वी यादव का सीएम बनना तय है। तेजस्वी जब सीएम बनेंगे तो वीआईपी का नेता डिप्टी सीएम बनेगा।

अधिकारी और मंत्री तय करेंगे शराबबंदी से फायदा या नुकसान
एक सवाल के जवाब में मुकेश सहनी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने भले मन से बिहार में शराबबंदी लागू किया। शराब पीकर गरीब परिवार के लोग बीमार पड़ रहे थे और मर रहे थे। लेकिन अब शराबबंदी पूरी तरह फेल हो गई है। इस पर पुलिस और माफिया का कब्जा है। शराब की होम डिलीवरी हो रही है। ऐसे में शराबबंदी कानून के समीक्षा की जरूरत है। सरकार बनने पर हम इसकी समीक्षा करेंगे। लेकिन हमारा सीएम, कोई मंत्री या अधिकारी कोई फैसला नहीं लेगा। जिस प्रकार लोग लोकतंत्र में वोट से विधायक और सांसद का फैसला करते हैं, उसी प्रकार शराबबंदी को लेकर भी फैसला लेंगे। बिहार के लोग तय करेंगे कि शराबबंदी बिहार के लिए फायदेमंद है या नुकसानदेह। लोगों का जो भी फैसला होगा, वही लागू होगा।

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