पूर्णिया में फर्नीचर व्यवसायी से 1.25 करोड़ की रंगदारी मामले में नवनिर्वाचित सांसद पप्पू यादव ने कोर्ट से जमानत ले लिया है। नवनिर्वाचित सांसद पप्पू यादव गुरुवार को पूर्णिया सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट ने उन्हें बेल दे दिया है। बेल मिलने के बाद सांसद जैसे ही कोर्ट से बाहर निकले, वैसे ही समर्थकों और अधिवक्ताओं ने उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही समर्थकों ने पप्पू यादव के समर्थन में नारे लगाने लगे।
साजिश की गई है, मानहानि का करुंगा केस
कोर्ट से बाहर निकलने के बाद नवनिर्वाचित सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जिंदगी में कभी इतना हर्ट नहीं हुआ, जितना इस केस में हुआ। मेरे खिलाफ साजिश की गई है। पप्पू यादव ने कहा कि फर्नीचर व्यवसायी राजा भगत के पीछे कोई है। इसमें मुफस्सिल थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार और वरीय अधिकारियों की साजिश है। इस साजिश का पर्दाफाश करेंगे। उन्होंने कहा कि आखिर सच की जीत हुई है। व्यवसायी और केस दर्ज करने वाले थानाध्यक्ष के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मानहानी का केस करेंगे।
धमकी देने और रंगदारी मांगने का है आरोप
व्यवसायी राजा भगत ने 10 जून को सांसद पप्पू यादव पर 1.25 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। इस मामले में सांसद और उनके समर्थक अमित यादव के खिलाफ मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं फर्नीचर व्यवसायी ने बताया था कि 2 अप्रैल 2021 को 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। इसके बाद 2023 में दुर्गा पूजा के दौरान मोबाइल कॉल और वॉट्सऐप कॉल कर 15 लाख रुपए और 2 सोफा सेट की मांग की थी। इस दौरान उन्होंने धमकी देने के साथ साथ गाली-गलौज भी किया था। व्यवसायी ने पुलिस को बताया था कि 4 जून को 1 करोड़ की रंगदारी मांगी गई। साथ ही यह भी आरोप है कि अमित यादव ने धमकी देते हुए कहा है कि रंगदारी की राशि लेकर चले आओ, नहीं तो 5 साल पूर्णिया में ही रहना है। रंगदारी की ये रकम दो या फिर पूर्णिया छोड़कर चले जाओ। यह राशि नहीं दी तो जान से हाथ गंवाना पड़ेगा। उसके बाद पप्पू यादव और उनके समर्थक पर मुफ्फसिल थाना में केस दर्ज कराया था।