अधिकारी और पुलिसकर्मियों की हुई जमकर पिटाई
हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर अवैध रूप से बनाये गये घर को जेसीबी मशीन के द्वारा तोड़ कर अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा था। इस दौरान घर के मालिक शांति झा ने इसका कड़ा विरोध किया। इस दौरान अतिक्रमण मुक्त कराने आयी टीम और नियुक्त मजिस्ट्रेट महावीर पासवान को अतिक्रमणकारियों ने पुलिस के सामने ही गंदी गंदी गाली देने लगे। इसी क्रम में विवाद बढ़ गया और लोग लाठी डंडे से मजिस्ट्रेट की पिटाई करने लगे। उसके बाद असामाजिक तत्व पत्थर बाजी करने लगे। पत्थर बाजी होते देख थानाध्यक्ष कौशल कुमार सहित पुलिस बल किसी तरह से अपनी जान बचाकर वहां से भाग गए। अतिक्रमणकारियों के आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन की टीम और पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा। मजिस्ट्रेट की पिटाई की घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित मजिस्ट्रेट महावीर पासवान के बयान पर कानूनी कार्रवाई कर रही है।
इस वजह से भड़की भीड़
घटनास्थल पर मौजूद अतिक्रमणकारी शांति झा का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर करीब 20 सालों से परिवार के साथ रह रही हूं। हाउसिंग बोर्ड प्रशासन अचानक 10 दिन पहले जमीन खाली नहीं करने के एवज में 06 लाख की मांग की। कहा पांच साल रहने के लिए 06 लाख रूपया देना होगा। लेकिन हम लोग गरीब होने के कारण पैसा नहीं दे पाए। 3 दिन पूर्व हाऊसिंग बोर्ड के जई महावीर पासवान ने व्हाट्सएप पर जमीन खाली करने का एक नोटिस भेज दिया। उन्होंने बताया कि आज शनिवार को हाउसिंग बोर्ड के जई महावीर पसवान के हाट थानाध्यक्ष कौशल कुमार सहित अन्य पुलिस बलों के साथ आया और जेसीबी से घर तोड़ने लगा। कुछ समय का मोहलत भी मांगा गया लेकिन मोहलत भी नहीं दिया गया। वहीं शांति झा ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान एक महिला रेखा देवी ने विरोध किया तो पुलिस प्रशासन महिला के साथ मारपीट करने लगी। इसी वजह से स्थानीय लोग भड़क गये और आक्रोशित होकर पुलिस प्रशासन पर हमला कर दिया।