Election 2024 : हार चुका प्रत्याशी अगर आपके दल में आ जाए तो उससे सावधानी बररते हुए अपना काम दिखाते रहना चाहिए, वरना वही हुआ जो मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट पर हुआ। पिछली बार भाजपा प्रत्याशी अजय निषाद से हारने वाले राजभूषण इस बार प्रत्याशी बने हैं।
हाल में ही वीआईपी को छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से बिहार भाजपा में राजभूषण निषाद का कद काफी बढ़ा दिया। भाजपा ने बतौर प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी थी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार और वर्तमान सांसद अजय निषाद को कड़ी टक्कर दी थी। इसके साथ ही निषाद समाज के इस सबसे बड़े लोकसभा क्षेत्र में अपनी लोकप्रियता को अर्जित किया था और सहनी जाति में दबदबा को बनाया था। हालाकि अजय निषाद चुनाव में जीत गए थे और राजभूषण निषाद को हार मिली थी। अब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है।
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प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर मिली थी जीत
लोकसभा चुनाव में जहां वीआईपी के उम्मीदवार राज भूषण निषाद को ढाई लाख से भी अधिक वोट मिले थे वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा और भाजपा का कैडर वोट की बदौलत अजय निषाद ने जीत हासिल की थी।
इस वजह से लोगों ने थी नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि दो बार सांसद रहे अजय निषाद व्यक्तिगत रूप से पार्टी और क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाने में नाकाम रहे। इसके अलावा निषाद समाज को एकजुट करने में भी उन्हें नाकामी ही मिली। ऐसे में सबसे अधिक वोट वाले इस लोकसभा क्षेत्र में अजय निषाद सफल नहीं हुए थे। इसके अलावा जिले की दो अहम मांग, जिसमें हवाई अड्डा का निर्माण और मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच को एम्स का दर्जा दिलाने में वह असफल रहे। इसके साथ ही रेलवे बोर्ड में बतौर मेंबर होने के बावजूद मुजफ्फरपुर को वंदे भारत ट्रेन सहित कई बड़ी ट्रेन की सौगात दिलाने में सफल साबित नहीं हुई जिसको लेकर स्थानीय लोगों मे नाराजगी थी।
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मिली थी कड़ी टक्कर
भारतीय जनता पार्टी ने अजय निषाद को छोड़ राजभूषण चौधरी निषाद को अपना प्रत्याशी बनाया है। राजभूषण चौधरी निषाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अजय निषाद के प्रतिद्वंद्वी के रूप में उम्मीदवार थे और उन्हें 254832 मत मिले थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अजय निषाद को 659833 मत मिले थे। इस तरह से वीआईपी उम्मीदवार राजभूषण चौधरी निषाद को 4 लाख 8 हजार 237 मतों के अंतर से हार झेलनी पड़ी थी।