फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: लालू बोले- कहीं रेल की पटरियां न बेच दे एनडीए सरकार, उपमुख्यमंत्री ने कहा- उपदेश दे रहे भ्रष्टाचारी

Sun, 06 Oct 2024 05:06 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Lalu Yadav : राजद सुप्रीमो लालू यादव ने एनडीए सरकार को घेरा तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू यादव ने रांची और पटना की संपत्ति बेच दी। देश में अगर किसी रेल मंत्री ने रेलवे की संपत्ति बेचने की शुरुआत की तो वो थे लालू यादव।
विज्ञापन
रेलवे पर सियासत जारी है। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार में रेलवे को लेकर सियायत तेज हो गई है। रविवार को पूर्व रेल मंत्री व राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर एनडीए सरकार को निशाने पर लिया। इसके बाद बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी ने पलटवार किया और उन्हें राजनीति का सबसे भ्रष्ट व्यक्ति कह दिया। दरअसल, लालू प्रसाद ने कहा कि पिछले 10 साल से एनडीए सरकार ने रेल का किराया बढ़ा दिया गया है। प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ा दिए गए। स्टेशन बेच दिए गए। जनरल बोगियां घटा दी। बुजुर्गों को मिलने वाला लाभ खत्म कर दिया। सेफ्टी-सिक्योरिटी घटाने पर रोज हादसे हो रहे हैं। फिर भी कहते हैं रेलवे घाटे में है। अब यह कहीं रेल की पटरियां ना बेच दें। 

विज्ञापन


लालू ने पटना और रांची की संपत्ति बेच दी
इधर, राजद सुप्रीमो के बयान पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू यादव ने रांची और पटना की संपत्ति बेच दी। देश में अगर किसी रेल मंत्री ने रेलवे की संपत्ति बेचने की शुरुआत की तो वो थे लालू यादव। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लालू प्रसाद यादव राजनीति के सबसे भ्रष्ट व्यक्तियों में से एक हैं। वह वही व्यक्ति हैं जिन्होंने रेलवे के अंदर नियुक्ति घोटाला के कारण अपने पूरे परिवार को जमानत पर भेज दिया था। 

पूरे देश के लोगों की जान खतरे में पड़ जाती थी
विजय सिन्हा ने कहा कि जिस तरह से उनके कार्यकाल में रेल दुर्घटनाएं होती थीं, पूरे देश के लोगों की जान खतरे में पड़ जाती थी। पुराने जर्जर पटरी पर पूरी देश की जिंदगी दांव पर लगी थी। आज ट्रेन के अंदर यात्रा करना सुरक्षित हो गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद और उग्रवाद पर अंकुश लगाया गया है और लोगों का जीवन सुरक्षित है। भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाने का प्रयास किया गया है। एक सजायाफ्ता भ्रष्टचारी अगर उपदेश दे तो समझ लीजिए कि उसके अंदर कहीं न कहीं खौफ है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें