खरना में शामिल महिला और पुरुष व्रती
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इस अन्न-जल के बाद अब निर्जला पूजा
व्रतियों ने शनिवार को पूरे दिन निर्जला उपवास कर खरना पूजा की तैयारी की। अब कुछ देर में मीठी खीर और घी वाली पूड़ी या रोटी खाने के साथ पूजाघर में ही जो पानी पिएंगे, उसके बाद फिर निर्जला उपवास रविवार को पूरे दिन-रात रहेगा और सोमवार को सुबह वाले अर्घ्य तक यही स्थिति रहेगी। इसलिए, खरना पूजा के समय अशांति फैलाकर व्रती के अन्न-जल ग्रहण करने में व्यवधान उत्पन्न करने वालों को पाप का भागी कहा जाता है। लोग विपरीत परिस्थिति में भी आवाज नहीं निकालते हैं, ताकि उनके हिस्से कोई गलती नहीं आ जाए। यही कारण है कि बिहार के शहरों में भी गाड़ियों का परिचालन खरना की शाम कम हो जाता है।