जनसुराज में शामिल हुए जेपी सिंह और रितेश पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला
पीके ने बताया- कैसे हुई थी राजेश साह की हत्या
प्रशांत किशोर ने राजेश साह हत्याकांड के बारे में बताया कि अमला देवी के 6 बच्चे हैं। बहुत गरीब घर के लोग हैं। 2007 में इनके घर के बगल में जमीन खरीद बिक्री को लेकर विवाद हुआ। बेटा राजेश ने उसका विरोध किया। एक दिन राजेश शाह के दोस्त उसे दुर्गा पूजा की तैयारी के नाम पर घर से मोटरसाइकिल से ले गए। फिर इनको खबर मिलती है कि भीड़ में उसे पीटा गया और दिलीप जायसवाल के ही MGM अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिलीप जायसवाल ने ही पुलिस को कॉल कर कहा कि एक युवक को भीड़ पीट रही है। बाद में परिवार को दो दिनों तक मिलने भी नहीं दिया गया। फिर पुलिस ने राजेश साह पर ही आरोप लगाया कि वो दिलीप जायवाल की हत्या के लिए पिस्टल लेकर गया था, लेकिन उनके समर्थकों की पिटाई में घायल हो गया। आज तक जानकारी नहीं मिली कि राजेश की मौत पिटाई से हुई या उसे अस्पताल में ही जहर दे दिया गया।
प्रेस कांफ्रेंस में फूट कर रोई राजेश साहा की मां-बहन
इधर, राजेश शाह की मां प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फूट फूट कर रोने लगी। उन्होंने कहा कि दिलीप जायसवाल ने हमको बहुत परेशान किया है। आज हम आपलोग के शरण में आ गए हैं। हमारे बच्चे को इंसाफ चाहिए। मेरे बच्चा को हमको देखने तक नहीं दिया गया। राजेश शाह की बहन भी फूट-फूट कर रोने लगी। उन्होंने कहा कि हम 15 साल पहले मुख्यमंत्री से मिले थे। वो बोले थे कार्रवाई होगी। लेकिन कुछ नहीं हुआ। मेरे भाई को हमको देखने तक नहीं दिया गया। जब मैं कॉलेज गई तो हमको क्रिमिनल की बहन बोला जाता था। मेरी बात किसी ने नहीं सुनी, न मीडिया ने, न नेताओं ने। अगर हम लड़का होते तो उस समय ही दिलीप जायसवाल को मार दिए होते। मुझे वो कहता था कि तुम्हारे भाई का जो हाल हुआ वो तुम्हारा हाल करेंगे। तुम चुपचाप शादी कर लो। तुम इसमें मत पड़ो।
पीके बोले- इन्हें कुछ हुआ तो पूरा बिहार दिलीप जायसवाल के खिलाफ आंदोलन करेगा
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि ये लोग भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की बात बता रही हैं। ऐसा लग रहा है कि किसी क्रिमिनल के बारे में बता रही हैं। अगर इनको कुछ हुआ तो बहुत बुरा हो जाएगा। पूरा बिहार उनके खिलाफ आंदोलन करेगा। ये सिर्फ दिलीप जायसवाल की बात नहीं है। ये सबसे बड़े पार्टी का दावा करने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की बात है। आज तक पार्टी के लोगों ने इस आरोप का जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा है।