बिहार विधानसभा सत्र के समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार संभव है। बिहार सरकार में 36 मंत्रियों की जगह है। कुल 40 विभाग हैं। जिसमें अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 14 मंत्री हैं। वर्तमान में उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद के पास 6 विभाग, उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के पास तीन विभाग, विजय चौधरी के पास पांच विभाग, विजेंद्र यादव के पास चार, अशोक चौधरी को पांच विभाग, मंगल पांडेय को तीन, अमरेन्द्र प्रताप सिंह और जीवेश कुमार को तीन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री 17 और विधायकों को मंत्री बना सकते हैं। इसमें भाजपा की भागीदारी अधिक होगी। सूत्रों की मानें तो इनमें जदयू से सात और भाजपा से 10 मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इस विस्तार के बाद नीतीश कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 32 हो जाएगी। हालांकि, विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 243 के आधार पर अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
17 वीं विधानसभा सत्र 27 नवंबर तक चलेगा। विधानसभा के सत्र खत्म होते ही मंत्रिमंडल के विस्तार की कवायद तेज हो जाएगी। मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद विभाग का संचालन सुचारू ढंग से होने लगेगा। पिछली सरकार में सिर्फ जदयू और भाजपा थी। इस बार राजग सरकार में चार घटक दल शामिल हैं। जिनमें हम और वीआईपी शामिल हैं। हालांकि हम और वीआईपी कोटे से एक-एक मंत्री बना दिया गया है।
अभी भाजपा कोटे से सात और जदयू कोटे से पांच मंत्री हैं। इनमें से भी जदयू कोटे से मेवालाल चौधरी इस्तीफा दे चुके हैं यानी नीतीश समेत पांच बचे हैं। वीआइपी व हम से एक-एक मंत्री बनाए गए हैं। माना जा रहा है कि अब जो विस्तार होगा, उसमें सिर्फ भाजपा और जदयू से मंत्री बनाए जाएंगे।