पुलिस ने बरामद की नकली किताबें।
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पटना में भारती भवन प्रकाशन के नाम का इस्तेमाल कर नकली किताबें बनाई जा रही थी। यह धड़ल्ले से बाजार में बिक रही थी। पाठक डिस्काउंट ऑफर के झांसे में आकर इस नकली किताबों को धडल्ले से खरीद भी रहे थे। कई सालों से यह कारोबार चल रही था। इसका खुलासा तब हुआ जब पटना पुलिस ने नकली किताब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। सोमवार देर रात पीरबहोर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीएम दास रोड में एक प्रिंटिंग प्रेस में छापेमारी की गई। इसमें भारती भवन की नकली किताबें जब्त की गई, जिसकी कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है।
कई वर्षों से चल रहा था गोरख धंधा
भारती भवन के के अधिकारी ने कहा कि लगातार हमें शिकायत मिल रही थी कि भारतीय भवन के नाम से डुप्लीकेट किताबें छापी जा रही है और उसे मार्केट में बेचा जा रहा है। तब मैं बीएम दास रोड स्थित बबलू पुस्तक भंडार में गया। वहां से एक किताब खरीदी जो भारती भवन के असली किताब से मैच कर रही थी। मैं इसे देखकर हैरान रह गया। इसके बाद थाना में आकर शिकायत की।
दिल्ली से आई टीम की शिकायत पर कार्रवाई
पीरबहोर थाना अध्यक्ष मोहम्मद हलीम ने बताया कि दिल्ली से भारती भवन कंपनी की टीम आई थी और पीरबहोर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। भारती भवन के नाम से छपी नकली किताबों का अवैध कारोबार चल रहा है। इसके बाद पीरबहोर थाना की पुलिस दलबल के साथ बीएमदास रोड स्थित बबलू पुस्तक भंडार पहुंची। भारती भवन प्रकाशन की नकली किताबे बेची जा रही हैं। वही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुकान के मालिक बबलू और सनी को गिरफ्तार कर लिया। किताबों को जब्त कर लिया। जब्त की गई किताबों की कीमत करीब 10 लाख बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। दोनों आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।