रोबोटिक्स को विकसित करने की जरूरत
प्राचार्य ने कहा कि रोबोटिक्स के क्षेत्र को और प्रोत्साहित करते हुए इसे अधिक से अधिक विकसित करने की जरूरत है। हमारे कॉलेज की यह उपलब्धि बिहार के तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए कॉलेज के ई-यंत्रा लैब के को-ऑर्डिनेटर प्रो. अंकित चौराहा, प्रो. सुश्रुत पांडेय एवं उनके साथ काम कर रोबोटिक्स मॉडल्स बनाने वाले स्टूडेंट्स बधाई के पात्र है।
जानिए क्या है रोबोटिक यंत्र फायरबर्ड-5 की खासियत
-अभियंत्रण कॉलेज के प्राध्यापक प्रो. अंकित चौरहा ने बताया कि स्टूडेंट्स द्वारा बनाए गए औद्योगिक स्वचालन के प्रोजेक्ट का नाम फायरबर्ड-5 एटीएमईजीए 2560 दिया गया है। यह एक रोबोट है, जो एक सफेद रेखा पथ का अनुसरण करते हुए और अपनी जगह पर बने रह कर खुद को समायोजित करते हुए किसी भी वस्तु को उठाकर किसी मशीन पर रख सकता है। इधर उधर कर सकता है। किसी वाहन पर लोड कर सकता हैं। इसमें एक आईआर सेंसर लगा है। इससे जब कोई भी वस्तु बॉट के सामने आती है तो वह दिशा बदल देती है और रुक जाती है। यह रोबोट अपने रास्ते में आने वाली वस्तु को उठाता है और वापस ले जाता है। उन्होने बताया कि स्टूडेंट्स द्वारा बनाया गया यह रोबोटिक यंत्र फिलहाल एक प्रोटोटाइप है, और इसे और परिस्कृत किए जाने पर यह उद्योगों के लिए बेहद कारगर हो सकता है। इसके इस्तेमाल से उद्योगों में ह्यूमन रिसोर्सेस के इस्तेमाल में कमी आएगी और मानव बल की अपेक्षा कार्य तेजी से हो सकेगा।