औरंगाबाद के विश्व प्रसिद्ध सौर तीर्थ स्थल देव में लोक आस्था के महापर्व कार्तिक छठ पर बिहार के कोने-कोने और पड़ोसी राज्यों से आए करीब 15 लाख छठव्रतियों ने गुरूवार की शाम अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। अस्ताचल सूर्य को अर्ध्य अर्पण के बाद अब छठ व्रतियों को उदयाचल सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के लिए शुक्रवार की प्रातः बेला का इंतजार है। शुक्रवार को प्रातः बेला में उदयाचल सूर्य को अर्घ्य अर्पण के साथ ही लोक आस्था का यह चार दिवसीय महापर्व पूर्ण हो जाएगा। कार्तिक छठ व्रत के दौरान सूर्य नगरी देव में सर्वत्र सूर्य भक्ति की गंगा बहती नजर आई। पूरा वातावरण धर्ममय और अध्यात्म बना रहा। छ्ठ व्रतियों द्वारा गाए जा रहे छ्ठ गीतों से पूरी देव नगरी गुंजायमान होती रही। गुरूवार को सुबह से ही औरंगाबाद की सभी सड़कें सूर्य नगरी देव जाती दिखी और श्रद्धालुओं का देव जाने का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। दोपहर बाद देव के पूरे इलाके में श्रद्धालुओं और छ्ठ व्रतियों का सैलाब उमड़ा नजर आया। सभी छठ व्रती अस्ताचल सूर्य को अघर्य अर्पित करने पवित्र सूर्यकुंड की ओर जाते दिखे। इस दौरान सूर्यकुंड में स्नान कर सूर्य मंदिर तक दंडवत देने का भी सिलसिला जारी रहा। एक अनुमान के मुताबिक करीब 15 लाख छ्ठ व्रतियों ने अस्ताचल सूर्य को अघर्य अर्पित किया। सूर्य को अर्ध्य अर्पित करने के बाद छठव्रतियों ने त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर में भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की और मन्नते मांगी।