बिहार में डोमिसाइल लागू करने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। डोमिसाइल लागू करने को लेकर छात्रों ने एक बैठक का आयोजन किया। बैठक का नेतृत्व छात्र नेता दिलीप कुमार ने किया। यह बैठक गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के पास हुई।
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इस मौके पर छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि डोमिसाइल बिहार के छात्रों का हक है। बिहार से बाहर कुछ राज्यों मे प्रत्यक्ष, जबकि कुछ राज्यों मे अप्रत्यक्ष रूप से डोमिसाइल लागू है। इस वजह से बिहार के अभ्यर्थियों को दूसरे राज्यों में नौकरी पाने में नुकसान हो रहा है। कुछ राज्यों मे परीक्षा की प्रक्रिया और सिलेबस ऐसा बनाया गया है, जिससे उस राज्य से संबंधित प्रश्न अधिक पूछकर उस राज्य के अभ्यर्थियों को फायदा पहुँचाया जाता है। इसलिए छात्रोंम की मांग है कि बिहार मे भी बिहार से संबंधित अधिक प्रश्न पूछकर अप्रत्यक्ष डोमिसाइल लागू किया जाए। छात्र नेता दिलीप कुमार ने मांग करते हुए कहा है कि 90 प्रतिशत डोमिसाइल प्रत्यक्ष रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह 10 प्रतिशत सीट खुला रखा जाए जिसमे बिहार से बाहर के अभ्यर्थियों का चयन हो सके तथा मेरिट के आधार पर बिहार के अभ्यर्थी भी चयनित हो सकते हैं।
छात्र नेत दिलीप कुमार ने कहा कि बिहार की जनसंख्या भी अधिक है और यहाँ फैक्ट्रियाँ भी नहीं हैं, इसलिए रोजगार का एकमात्र सबसे बड़ा साधन सरकारी नौकरी ही है। उन्होंने कहा कि बीपीएससी टीआरई मे कुछ विषयों मे सामान्य श्रेणी में बिहार के छात्रों से अधिक दूसरे राज्यों के छात्रों का चयन हुआ। इसलिए बिहारी छात्रों के हित मे डोमिसाइल लागू होना चाहिए। छात्र नेता दिलीप कुमार ने बिहार सरकार से मांग करते हुए कहा है कि बिहार मे डोमिसाइल लागू किया जाए।
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छात्र नेता दिलीप कुमार ने मांग करते हुए कहा है कि बीएसएससी, दारोगा, सिपाही सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं मे पारदर्शिता लायी जाए , पेपरलीक बंद हो, पेपरलीक मे संलिप्त सभी परीक्षा माफियाओं एवं कोचिंग माफियाओं पर सख्त कठोर कार्रवाई हो, बीपीएसएससी टीआरई मे फर्जीवाड़ा की जांच कर फर्जी को बाहर कर प्रतिबंधित किया जाए, बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय की पीटी परीक्षा की तिथि जल्द घोषित हो तथा लाइब्रेरियन की वैकेंसी जल्द निकाली जाए। इन सभी मांगों को लेकर अप्रैल अंतिम सप्ताह मे पटना मे छात्रों का आंदोलन होगा। इससे पहले कुछ जिलों मे जाकर छात्रों को एकजुट किया जाएगा। इस मीटिंग मे बिहार के सभी जिलों से आंदोलन का नेतृत्व करने के इच्छुक छात्र पहुँचे थे। बैठक मे दीपक पांडे, रौशन, मनीष, पंकज, आदित्य, शाहिद हुसैन, रवि, वसीम अकरम, संदीप, निरंजन, विवेक सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थे।