शराब पीकर आदमी अपनी सुध-बुध खो देता है। शराब से न सिर्फ शरीर का नुकसान होता है, बल्कि परिवार भी टूटता है। इन्हीं बातों के आधार पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी कानून लाते हुए शराब को प्रबंधित किया। इस कानून को आए हुए आठ साल हो गए, लेकिन शराब पीने वाले मानने को तैयार नहीं। आलम यह है कि शराब के नशे में लोग अपने ही घर के लोगों की हत्या कर देते हैं। ऐसे एक दो नहीं बल्कि कई उदाहरण हैं।
पत्नी और तीन बच्चों का गला रेता
मोतिहारी में एक शख्स ने शराब के नशे में अपनी पत्नी और उसके तीन बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी। मामला पहाड़पुर के बावरिया गांव का है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरुवार पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी और बच्चों को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद बारी-बारी से तीनों को मौत के घाट उतार दिया। बाद में उसने खुद की भी गला रेतकर आत्महत्या कर ली थी।
ताजा मामला कैमूर जिले का है, जहां शराब के नशे में एक पिता ने अपने दिव्यांग पुत्र के साथ ऐसा किया, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। उसने पहले गला दबाकर अपने दिव्यांग बेटे की हत्या की और फिर चाकू से उसके पैर की उंगली समेत कई अंगों को काट दिया। फिर उसका आंख निकाल लिया। बच्चे की मां और भाई ने पुलिस को पूरी कहानी सुनाई। ऐसी एक दो नहीं, कई कहानियां हैं, जो शराब पीने के बाद की गयीं।
शराब पीने से मना करने पर पत्नी की हत्या
एक मामला पूर्णिया का है, जहां एक शराबी पति ने अपनी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के संबंध में बेटे संदीप चौधरी ने बताया कि पिता शराब के नशे में अक्सर उनकी मां को छोटी-छोटी बातों पर मारते-पीटते रहते थे। कल देर रात भी वह शराब के नशे में घर पहुंचे। खाना बनाने को लेकर हुए विवाद में पत्नी से बहस हो गई। देखते ही देखते वह मारपीट करने लगा। मारपीट से भी जब आरोपी का मन नहीं भरा तो उसने नशे की हालत में ईंट और बांस से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
नशा के लिए रुपये नहीं मिले तो मां की हत्या कर दी
मुजफ्फरपुर में एक नशेड़ी पुत्र ने नशे में चूर हो कर अपनी मां की हत्या कर दी। घटना के संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतका का पुत्र मनोज कुमार मांझी प्रायः नशे की हालत में रहता था और घर के सदस्यों से हमेशा मारपीट किया करता था। उसकी हरकत को देख पत्नी भी इसे छोड़कर मायके रहने लगी। लेकिन वह अपनी नशे की लत को नही छोड़ रहा था। इस दौरान अपनी मां से पैसे लेकर चोरी छिपे नशा किया करता था, जिसके बाद आज जब नशे करने के लिए पैसे नहीं मिले तो अपनी मां शांति देवी पर ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
बेटा जन्म नहीं लेने पर शराब के नशे में पत्नी की पीट-पीटकर हत्या
बेगूसराय में बेटा नहीं होने पर एक शराबी पति ने चार बेटियों की मां पीट-पीटकर हत्या कर दी। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात वसीम शराब के नशे में घर आया। घर आते उसके और रुकसाना के बीच शराब पीने को लेकर कहा-सुनी होने लगी। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा। इसी दौरान वसीन रुकसाना के साथ मारपीट करने लगा। वह रुकसाना को तब तक पीटता रहा, जब तक वह मर नहीं गई। हत्या के बाद घर में ही शव को छोड़कर वसीम भाग गया।
नशा करने से मना करने पर पत्नी की पीट-पीटकर हत्या
जमुई में विजयदशमी के बाद मां दुर्गा प्रतिमा की विसर्जन हो रहा था, वहीं दूसरी ओर एक शराबी ने अपनी पत्नी की पीट -पीटकर हत्या कर दी। पुलिस का कहना था कि महिला
अपने पति को शराब पीने से मना करती थी। मना करने की वजह से शराबी पति अक्सर अपनी पत्नी को पीटता था। उस दिन भी ऐसा ही हुआ। भलुआना गांव निवासी अरविंद साव शराब के नशे में घर आया। मौसम देवी (19) ने उसके नशा करने पर आपत्ति की तो अरविंद साव ने अपनी पत्नी मौसम देवी की पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
नशा करने से पिता ने किया था मना
नालंदा में एक शराबी बेटे ने अपने ही पिता को गोली मारकर हत्या कर दी। घटना हिलसा थाना क्षेत्र के दबौल गांव की है। मृतक दबौल गांव निवासी स्व राम अनुग्रह के 60 वर्षीय पुत्र बिलटू शर्मा थे। घटना बुधवार शाम की है। घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि बिलटू शर्मा बुधवार की संध्या में परिवार के अन्य सदस्य के साथ घर मे बैठे हुए थे। तभी नशे की हालत में उनका पुत्र टुनटुन शर्मा आया और पिता को गाली गलौज करने लगा। इसी दौरान दोनों के बीच बकझक होने लगा। इसी बीच टुनटुन शर्मा ने कमर से पिस्तौल निकाला और अपने पिता के सिर में दनादन दो गोली दाग दी। गोली लगते ही बिलटू शर्मा जमीन पर गिर गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
छोटे भाई ने बड़े भाई के सीने में चाकू घोंप कर की हत्या
भोजपुर में नशे में धुत छोटे भाई ने बड़े भाई के सीने में चाकू घोंप कर उसकी हत्या कर दी। घटना बड़हरा थाना क्षेत्र के नथमलपुर गांव की है। मृतक की पहचान नथमलपुर गांव निवासी परिखा राम के पुत्र अखिलेश राम के रूप में की गई है। घटना के संबंध में मृतक अखिलेश राम के पिता परिखा राम ने बताया कि कमलेश शराब पी कर नशे में झूमते हुए आया और आसपास के लोगों को गाली गलौज करने लगा। जब घर के लोगों ने उसे बेवजह गाली गलौज करने से मना किया तो आरोपी अपने पिता के साथ ही मारपीट करने लगा। पिता के साथ मारपीट करते देख अखिलेश राम ने बीच बचाव करते हुए छोटे भाई कमलेश को समझाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान कमलेश ने अचानक चाकू से अखिलेश पर हमला कर दिया और उसके सीने में चाकू घोंप दी। चाक़ू लगते ही अखिलेश जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
शराब के नशे में चाचा की हत्या
बेगूसराय में भतीजे ने शराब के नशे में अपने चाचा की हत्या कर दी थी। परिजनों का कहना था कि बाबू साहब (भतीजा) रोज शराब पीता था। नशे में आकर अपनी जमीन बेच चुका था और अब वह अपने चाचा की जमीन को बेचना चाह रहा था। उसके इस हरकत का उसकी चाची माला देवी ने विरोध किया तो बाबू साहब ने अपने चाचा की हत्या कर दी।
शराब के नशे में पिता ने पुत्र की कर दी हत्या
सुपौल में अदालत ने शराब के नशे में अपने बेटे की हत्या करने वाले पिता को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला 24 अप्रैल 2021 का था, जब त्रिवेणीगंज थाना कांड संख्या 116/21 के तहत आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना की शिकायत मुकेश कुमार शर्मा की पत्नी रेणु देवी ने की थी, जिनके अनुसार उनके ससुर हरि नारायण शर्मा ने नशे की हालत में उनके पति की हत्या कर दी थी। घटना वाली रात पिता-पुत्र के बीच मामूली विवाद हुआ था। उसके बाद हरि नारायण ने अपने बेटे मुकेश कुमार शर्मा के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे मुकेश की मौत हो गई।
मनोचिकित्सक डॉ बिंदा सिंह - इस संबंध में मनोचिकित्सक डॉ बिंदा सिंह नशा खराब होता है। नशा करने वाले अक्सर कमजोर लोगों पर हावी होते हैं और उन्ही लोगों को वह टारगेट करते हैं। ऐसे में शराबी लोगों को नशे की हालत में कुछ न कहें। जब उनका नशा उतर जाए तब उनको समझाएं। उन्हें जागरूक करने की जरुरत है। सरकार को नशामुक्ति केंद्र को फिर खुलवाना चाहिए, सरकार को बहुत हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्यों कि शराब पर प्रतिबन्ध जरुर लगा है लेकिन नशा करने वालों न तो कमी हुई है और न ही नशा खरीदना और बिकना बंद हुआ है।