लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और जमुई से सांसद चिराग पासवान ने फिर से नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है। शनिवार को औरंगाबाद में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री लिबास की तरह पार्टी बदलते हैं। वह I.N.D.I.A. गठबंधन में रहते हुए एनडीए की तरफ झांकते हैं। एनडीए में रहते हैं तो महागठबंधन की ओर झांकते है। ऐसी उनकी आदत है।
चिराग पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री जनादेश को ठुकराते हुए अपनी मनमानी का गठबंधन करते है। जब जनता ने महागठबंधन को जनादेश दिया था, तब उन्होने एनडीए के साथ मिलकर सरकार चलाया और जब जनता ने एनडीए को जनादेश दिया तो वें महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार चला रहे है। इस वजह से 2024 के आने वाले लोकसभा चुनाव तथा 2025 के विधानसभा चुनाव में जनता उनको सबक सिखाने का काम करेगी। उनकी गलत राजनीति के कारण आज जदयू बिहार में तीसरे नम्बर की पार्टी बनकर रह गई है।आने वाले दिन में जदयू बिहार में शून्य पर बिहार में बोल्ड हो जाएगी।
मुख्यमंत्री को 13 करोड़ बिहारियो की चिंता नहीं है
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 13 करोड़ बिहारियो की चिंता नहीं है। आज वह पूरे बिहार को जात पात में बाटकर अंग्रेजो की फूट डालो और राज करो वाली नीति पर काम कर रहे हैं। वह बिहारियों को जात पात में बांट कर राज करना चाहते हैं। इसे जनता पूरी तरह से समझ गई है। जनता आने वाले दिन में उन्हें सबक सिखाने का काम करेंगी। जब उनसे यह पूछा गया कि एक तरफ सामाजिक समरसता की बात की जाती है।
शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा
दूसरी तरफ बिहार सरकार ने जातीय सर्वे कराया है, इसको आप किस नजरिये से देखते हैं, इस पर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने हेतु उन्होने अगर जातीय सर्वे सही तरीके से करवाया होता तो वह समाज हित मे होता लेकिन यह जातीय सर्वे भी बंद कमरे में करवाया गया है, जो किसी भी बिंदु पर सही नहीं है। इस जातीय सर्वे से लोगो में नफरत फैलाने का काम किया गया है, जो कही से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में मेरी सरकार बनी तो हम 13 करोड़ बिहारियो की चिंता करेंगे। उन्हें मुख्यधारा में लाने की कोशिश करेगे। मेरी सरकार में बिहारियों को शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।