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Bihar News : जन्म से दिल में छेद वाले बच्चों का अब पटना में ही होगा ऑपरेशन, बेहतर होंगी अस्पतालों की स्थिति

Sun, 29 Oct 2023 01:34 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Holes in the Heart : जिन बच्चों को जन्म के साथ ह्रदय में छेद होने की शिकायत है उनके अभिभावकों के लिए एक अच्छी खबर है कि अब उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाकर इलाज कराने की जरूरत नहीं है। उनका इलाज और ऑपरेशन अब पटना में ही मुफ्त में होगा।
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कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की बिहार शाखा के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जन्म के समय से ही ह्रदय में छेद होने वाले बच्चों के अभी अभिभावकों को इलाज के लिए अब बिहार से बाहर जाना नहीं पड़ेगा। अब उनका इलाज पटना में ही संभव हो गया है। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने होटल मौर्या में आयोजित कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की बिहार शाखा के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम पर कही। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद स्थित सत्य साईं अस्पताल से करार किया गया है, जहां ऐसे बच्चों का इलाज होता है।वहां अब तक 794 बच्चों का इलाज हो चुका है। लेकिन अब पटना में ही इसके इलाज की व्यवस्था करायी गयी है, जिसमें आईजीआईसी में भी 198 बच्चों का इलाज हो चुका है वहीं आईजीआईएमएस में 24 बच्चों का इलाज हो चुका है। हृदय रोग के इलाज के लिए यहां अच्छी और विशेष व्यवस्था की गई है।

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सीएम नीतीश कुमार। - फोटो : अमर उजाला
सरकारी अस्पतालों में काफी किया गया विकास 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले इसपर कोई ध्यान नहीं देता था। उन समय में सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए नाममात्र के लोग आते थे, लेकिन  बेहतर व्यवस्था हो जाने से अब प्रखंड स्तर पर काफी लोग सरकारी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) का भी पहले बहुत बुरा हाल था। एक बार जब मैं सांसद था तो मेरी मां की तबीयत खराब हो गई थी और तब मैं मां को लेकर आईजीआईसी आया था लेकिन वहां पर बहुत हल्ला हो रहा था और सफाई आदि की भी अच्छी व्यवस्था नहीं थी, बाद में जब हमलोगों की सरकार बनी तो मैंने सबसे पहले वहां की व्यवस्था को दुरुस्त करवाया। जब भी मुझे कहीं कोई कमी दिखाई पड़ती है तो उसे मैं ठीक करवाता हूं।
 

होटल मौर्या में आयोजित कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की बिहार शाखा के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम। - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कॉलेज का किया जा रहा विस्तार 
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) को और भी बड़ा और अच्छा बनवाया जा रहा है। पीएमसीएच को 5462 बेड का अत्याधुनिक सुविधाओं से लैश अस्पताल बनाया जा रहा है ताकि मरीजों का इलाज और बेहतर ढंग से हो सके। इस अस्पताल का पहले से काफी नाम है। उन्होंने कहा कि हम सरकार में आए तो आईजीएमएस को भी बेहतर बनवाया, वहां की व्यवस्था को ठीक किया गया। सात निश्चय – 2 में बाल हृदय योजना की शुरुआत की गयी। इसके तहत जन्म से हृदय में छेदवाले बच्चों का निःशुल्क इलाज करवाया जाता है। अहमदाबाद स्थित सत्य साईं अस्पताल से करार किया गया है जहां ऐसे बच्चों का इलाज होता है। हमलोग ऐसे बच्चों के इलाज के लिये वहां भेजने एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करायी। अब तक 794 बच्चों का इलाज हो चुका है। पटना में ही अब इसके इलाज की व्यवस्था करायी गयी और आईजीआईसी में भी 198 बच्चों का इलाज हो चुका है और आईजीआईएमएस में 24 बच्चों का इलाज हो चुका है।

 
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पटना एम्स के डॉ. एम्स। - फोटो : अमर उजाला
अस्पतालों में बढ़ाई जा रही हैं व्यवस्थाएं 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले राज्य में 6 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल थे, जो अब बढ़कर 13 हो गए हैं। कई अस्पतालों का और विस्तार किया जा रहा है। आईजीआईएमएस, पटना में 2500, एनएमसीएच, पटना में 2500, एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर में 2500, एएनएमसीएच, गया में 2500 बेड, डीएमसीएच, दरभंगा में 2500 बेड का विस्तार किया जा रहा है। 
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