मुजफ्फरपुर में सगे भाई ने ही अपनी बहन को लूटने की साजिश रची थी। इसको लेकर लुटेरों को हायर किया गया। बहन के बैंक से निकलते ही अपराधियों ने लूट की घटना को अंजाम दिया। घटना बीते 11 अप्रैल की है। दरअसल पीड़ित महिला शांति देवी अपने भाई के साथ यूको बैंक में गई थी। वहां से दो लाख 25 हजार रुपये की निकासी की था। कैश लेकर भाई के साथ ससुराल जा रही थी। इसी दौरान बोचहा स्थित मानपुर बोखरा चौक के पास बाइक सवार अपराधियों ने पिस्टल के बल पर महिला से रुपए लूट लिए थे। विरोध करने पर मारपीट भी की गई। मामले में महिला ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने मामले मास्टमाइंट समेत 4 को पकड़ा
एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस की विशेष टीम छानबीन में जुट गई। सूचना के आधार पर हथौड़ी थाना क्षेत्र के माधोपुर स्तिथ एक ईट भट्टा के समीप से 4 लोगों को पकड़ा गया। इनके पास से 51 हजार नकद, दो पिस्टल, दो चोरी की बाइक, 1 लैपटॉप, 4 मोबाइल, 5 हार्ड डिस्क व चार कारतूस बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में तमिलनाडु के तिरुवल्लू जिले के फोनेरी थाना के हेमंत कुमार रग्घू, बोचहा थाना के कर्णपुर निवासी महिला का भाई रंजीत सहनी, सीतामढ़ी के लक्ष्मी मंडल और अहियापुर के पटियासा चौक निवासी दशरथ कुमार शामिल हैं।
रंजीत सहनी को पुलिस कड़ी सजा दिलवाए पुलिस
मामले में डीएसपी पूर्वी मनोज पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस जारी कर बताया कि घटना की साजिश रचने वाला महिला का भाई रंजीत सहनी था। इसके लिए उसने लुटेरों से संपर्क किया था। जांच में यह बात का खुलासा हुआ है। इसमें एक युवक तमिलनाडु का रहने वाला है। जो वर्तमान में मिठनपुरा में किराए के मकान में रहता है। यह रंजीत के संपर्क में था। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के बाद जेल भेजा जा रहा है। परिजनों का कहना है कि पुलिस से अपील है कि इस मामले में शामिल रंजीत सहनी को पुलिस कड़ी सजा दिलवाएं ताकि हर भाई अपनी बहन के साथ ऐसा करने से पहले सौ पर सोचे।