बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित एकीकृत 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता पुनर्परीक्षा आज पटना के 22 परीक्षा केन्द्रों पर स्वच्छ, कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। पटना सदर अनुमंडल में 15 परीक्षा केन्द्र; दानापुर अनुमंडल में 03 परीक्षा केन्द्र तथा पटना सिटी अनुमंडल में 04 परीक्षा केन्द्र बनाये गये थे। परीक्षा स्वच्छ, कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा संपन्न कराने के लिए 22 जोनल दण्डाधिकारियों, 24 स्टैटिक दण्डाधिकारियों-सह-प्रेक्षकों एवं 07 फ्लाइंग स्क्वायड्स को प्रतिनियुक्त किया गया था।
शांतिपुर माहौल में परीक्षा संपन्न, 5,943 परीक्षार्थी हुए उपस्थित
परीक्षार्थियों की संख्या लगभग 12,012 थी, जिसमें 8,137 उम्मीदवारों ने प्रवेश पत्र डाउनलोड किया था जो 13 दिसंबर को आयोजित परीक्षा के लिए डाउनलोड किए गए एडमिट कार्ड की संख्या से लगभग 1,200 अधिक थी। बापू परीक्षा परिसर के केंद्र पर 13 दिसंबर को 5,671 उत्तर पुस्तिका जमा हुई थी। आज की परीक्षा में कुल 5,943 परीक्षार्थी उपस्थित हुए एवं स्वच्छ, कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा दिए।
बापू परीक्षा परिसर में परीक्षा के दौरान हुआ था हंगामा
बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा 13 दिसंबर को बापू परीक्षा परिसर में परीक्षा ली गई थी। लेकिन, गड़बड़ी होने के कारण हंगामा हुआ था। विवाद बढ़ा तो बीपीएससी ने बापू परीक्षा परिसर में ली गई परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। आज यह परीक्षा एक ही शिफ्ट में ली जा रही है। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे के बाद प्रवेश नहीं मिला। 12012 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने वाले थे। इनमें से 8111 ने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। चौंकने वाली बात यह है धरना प्रदर्शन के बावजूद अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में रुचि दिखाई। पिछली बार यानी 13 दिसंबर को आयोजित परीक्षा के लिए डाउनलोड किए गए एडमिट कार्ड की संख्या से लगभग 1,200 अधिक है। इस बार 6000 छात्रों ने परीक्षा दिया।
इधर, बीपीएससी की ओर से कहा गया है कि दोनों परीक्षा के रिजल्ट एक साथ जारी किए जाएंगे। संभावना है कि जनवरी माह के अंत तक पीटी परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए जाएं। इधर, प्रशासन की ओर से बताया गया कि परीक्षा के लिए पटना जिले में कुल 22 सेंटर बनाये गये थे। सभी जगह शांतिपूर्व तरीके से परीक्षा संपन्न हुई। किसी तरह की गड़बड़ी न हुई।
पटना जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम बनाये गये हैं। सभी परीक्षा केंद्र मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक 22 परीक्षा केंद्रों पर कुल 24 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 22 जोनल मजिस्ट्रेट, सात उड़नदस्ता दल को तैनात किया गया है। सशस्त्र बलों को भी तैनात किया गया है।
बीपीएससी ने माना था एक सेंटर पर गड़बड़ी हुई
बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनु भाई ने कहा कि 912 सेंटर के चार लाख 75 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा शांतिपूर्व माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने पूरी परीक्षा के दौरान पेपर लीक की बातों को खारिज करते हुए साफ कहा कि पूरी परीक्षा कैंसिल नहीं होगी, लेकिन एक केंद्र पर दोबारा परीक्षा ली जाएगी। दोबारा परीक्षा लेकर भी एक साथ ही परिणाम जारी किया जाएगा। बापू परीक्षा परिसर में कुछ उपद्रवी तत्वों ने परीक्षा बाधित करने की कोशिश की। बापू परीक्षा परिसर के जिस कक्ष में प्रश्न पत्र देर से पहुंचा, वहां अतिरिक्त समय देने की बात थी। लेकिन, करीब एक बजे से सवा एक बजे तक उपद्रवी तत्वों ने परीक्षा बाधित की। उनका प्रश्न पत्र उड़ा दिया। गड़बड़ी के कारण ही इस सेंटर पर ली गई परीक्षा को रद्द किया गया।
सभी सेंटर पर हुई परीक्षा को रद्द कराने की मांग
13 दिसंबर को 912 सेंटर पर 70वीं पीटी परीक्षा हुई थी। बापू परीक्षा परिसर पर हुई गड़बड़ी के बाद यहां एग्जाम रद्द कर दिया गया। इसके बाद अभ्यर्थी आक्रोशित हो गये। वह सभी सेंटर पर परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि अभ्यर्थी धरना देने के गर्दनीबाग में बैठ गये। पिछले 15 दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहा। इतना ही नहीं विपक्ष के नेता भी इस प्रदर्शन में कूद पड़े। दो दिन पूरे बिहार में चक्का जाम हुआ। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। पप्पू यादव ने भी लड़ाई जारी रखने का एलान किया है। सभी लोग परीक्षा रद्द कराने और री-एग्जाम की मांग कर रहे हैं।