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Bihar News : विपक्ष के विधायकों की संख्या घटी, वामपंथी मनोज मंजिल की विधायकी गई; विधानसभा ने जारी की अधिसूचना

Fri, 16 Feb 2024 06:06 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Manoj Manzil : बिहार विधानसभा में विपक्षी महागठबंधन के विधायकों की संख्या आखिर घट गई। वामपंथी विधायक मनोज मंजिल को सजा मिलने की खबर सबसे पहले अमर उजाला ने सामने लाते हुए बताया था कि यह होने वाला है। विधानसभा ने अधिसूचना जारी कर दी है।
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भाकपा माले के विधायक मनोज मंजिल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में जारी सियासी उथलपुथल के बीच महागठबंधन के लिए एक बुरी खबर है। उनके खाते से एक विधायक की संख्या कम हो गई है। विधायक की सदस्यता रद्द कर दी गई। भाकपा (माले) विधायक मनोज मंजिल को सजा मिलने की खबर सबसे पहले 'अमर उजाला' ने सामने लाते हुए बताया था कि यह होने वाला है। अब विधानसभा ने अधिसूचना जारी कर दी है। दरअसल, 13 फरवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने हत्या के केस में दोषी पाते हुए मनोज मंजिल समेत 23 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।इसके बाद मनोज मंजिल को आरा कोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया और आरा मंडल कारा भेज दिया गया था। 

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जानिए, क्या लिखा है विधानसभा सचिवालय की अधिसूचना में
बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसमें बिहार विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर जारी अधिसूचना में कहा गया है कि एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा अगिआंव विधानसभा के विधायक मनोज मंजिल के विरुद्ध दोषसिद्धि एवं दंडादेश के परिणावस्वरूप जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा आठ और संविधान के अनुच्छेद 191 एक (सी) के प्रावधानों के तरह मनोज मंजिल की सदस्यता रद्द की जाती है। 

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मनोज मंजिल को जेल भेज दिया गया। - फोटो : अमर उजाला
जानिए क्या था पूरा मामला
दरसअल, 20 अगस्त 2015 में अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी जय प्रकाश चौधरी की हत्या कर दी गई थी। आरोप भाकपा माले के विधायक मनोज मंजिल समेत 23 लोगों पर लगा था। जय प्रकाश चौधरी के बेटे चंदन कुमार ने लिखित शिकायत में कहा था कि मेरे पिता एक सभा को संबोधित कर घर लौट रहे थे। इसी बीच चिना राम, भरत राम, त्रिलोकी राम, प्रभु चौधरी, रामानंद प्रसाद, चंद्रधान राम, जयकुमार यादव, नंदू यादव, तनमन चौधरी, मनोज चौधरी, सर्वेश चौधरी, पवन चौधरी, नंदकुमार चौधरी, रामबली चौधरी, गुड्डू चौधरी, गब्बर चौधरी, प्रेम राम, बबन चौधरी, रामाधार चौधरी, रविंदर चौधरी, शिवबली चौधरी, रोहित चौधरी और मनोज मंजिल ने मेरे पिता को घेर लिया। इसके बाद ईंट-पत्थर और लाठी डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं शव को साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से ठिकाने लगा दिया था। 
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