जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जारी की सूची।
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सारण में वर्ग एक से आठ तक के लगभग 41 अध्यापकों को अयोग्य घोषित किया गया है। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (बीपीएससी) द्वारा आयोजित टीआरई वन और टू के लगभग तीन दर्जन से अधिक विद्यालयों के अध्यापकों से ज़बाब तलब किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी का कहना है कि यह सभी शिक्षक बिहार के नहीं हैं, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताई वजह
जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर और स्थापना डीपीओ धनंजय कुमार पासवान के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी आदेश में जिले के विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित 41 सहायक अध्यापकों की सूची जारी की गई है। उसमें कहा गया है कि पटना उच्च न्यायालय में दायर याचिका व अन्य में पारित आदेश के आलोक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने बिहार लोक सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या में अनुशंसित विद्यालय के अध्यापकों द्वारा पदस्थापन के उपरांत संबंधित विद्यालय में योगदान किया गया है। हालांकि जवाब में पूछे गए विद्यालय अध्यापकों द्वारा उपस्थापित शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के अवलोकन से स्पष्ट है कि उनकी योग्यता विद्यालय अध्यापक के लिए समुचित नहीं है। इसलिए सभी विद्यालय अध्यापकों को आदेश दिया जाता है कि पत्र प्राप्ति के साथ ही नियुक्ति के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आहूत केंद्रीय शिक्षक पात्रता की अधिसूचना में स्पष्ट है कि सामान्य श्रेणी की अभ्यर्थियों को 60 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने पर उन्हें योग्य घोषित किया जाएगा। इस बारे में स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के साथ कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। उक्त संबंध में अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के साथ उपरोक्त बिंदुओं पर साक्ष्य सहित कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर का कहना है कि इस संबंध में संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और प्रधानाध्यापकों को पत्र भेज दिया गया है, ताकि ससमय उसका तामिला कराया जा सके।
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