फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar : मुजफ्फरपुर में फिर मोबाइल टावर चोरी, 10 दिन में दूसरी घटना; नट तक नहीं छोड़ा

Sun, 23 Apr 2023 10:47 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर में दस दिनों के भीतर दूसरा मोबाइल टावर खोलकर ले जाने का मामला सामने आया है। चोरों ने सिकंदरपुर ओपी के न्यू कॉलोनी में GTL कंपनी का मोबाइल टावर चुरा ले गए।पूर्व में सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही के श्रमजीवी नगर से मोबाइल टावर की चोरी हुई है।
विज्ञापन
घटनास्थल से गायव मोबाइल टावर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरपुर में 10 दिनों के भीतर दूसरा मोबाइल टावर खोलकर ले जाने का मामला सामने आया है। इस बार चोरों ने सिकंदरपुर ओपी के न्यू कॉलोनी में जीटीएल कंपनी का मोबाइल टावर चुरा ले गए। उन चोरों ने एक नट तक नहीं छोड़ा। इससे पहले चोरों ने सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही स्थित श्रमजीवी नगर से मोबाइल टावर खोलकर चलता बने थे। अभी पुलिस घटना की जांच करने में जुटी ही थी। इसी बीच यह दूसरा मामला सामने आया है जहां चोर मोबाइल टावर खोलकर ले भागे। मामले को लेकर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

विज्ञापन


क्या है मामला
प्राथमिकी में दीपक कुमार सिंह का कहना है कि वह हथौड़ी थाना क्षेत्र के बेरई के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह GTL इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। GTL कंपनी का एक मोबाइल टावर बालूघाट न्यू कॉलोनी में अमितेश कुमार व संतोष कुमार के परिसर में लगा हुआ था। दीपक कुमार सिंह का कहना है कि यह मोबाइल टावर साइट पिछले कुछ सालों से बंद था। हाल ही में जब निरीक्षण किया गया तो मोबाइल टावर गायब था। उसके सहायक उपकरण शेल्टर, जनरेटर, एसएमपीएस, स्टेबलाइजर, एवं अन्य सामान भी चोरी हो चुके थे जिसकी कीमत 4,72,502 रुपये है।

दस दिन पूर्व में भी हुई है चोरी
चोरों ने इससे पहले सदर थाना के श्रमजीवी नगर में बंद मोबाइल टावर की चोरी कर लिए थे। निरीक्षण के दौरान टावर एक्यूजेशन अफसर मो. शहनवाज अनवर को टावर के साथ कई उपकरण नहीं मिला था। इसे लेकर उन्होंने सदर थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी। थाने को दिये गए आवेदन में मो. शहनबाज ने बताया है कि श्रमजीवी नगर की मनीषा कुमारी के आवासीय परिसर में जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने मोबाइल टावर लगाया था। हालांकि, कुछ दिनों से टावर बंद था। निरीक्षण के दौरान पहुंचा तो वहां टावर नहीं था। इसके अलावा शेल्टर, डीजल जेनरेटर, एसएमपीएफ, स्टेबलाइजर भी नहीं था। जिसकी कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपये थे।
विज्ञापन


चोरों ने खुद को बताया जीटीएल कंपनी का कर्मचारी
पुलिस की छानबीन में मनीषा कुमारी का कहना है कि कुछ माह पूर्व कुछ लोग आए थे। उनलोगों ने खुद को जीटीएल कंपनी का कर्मचारी बताया। इसके बाद वे लोग टावर को खोलकर लेकर चले गये। साथ में जितना उपकरण था वह भी ट्रक पर लादकर ले गये।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें