भागलपुर एसएसपी ने पूरे मामले की जानकारी दी।
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खून को साफ किया, लाश नाले में डाली
जांच के दौरान सामने आया कि अमर की हत्या नहीं हुई थी। उसने पास रखे 7 mm की पिस्टल से खुद को गोली मार ली थी। मां-बाप ने उसे घर के कमरे में बंद रखा था, उसी दौरान उसने खुद को गोली मारी। मृतक के पिता शंभू प्रसाद यादव, मां मीरा देवी, मौसेरा भाई सौरव सुमन और सचिन कुमार को पुलिस ने झूठी कहानी रची। इन लोगों ने अमर की लाश को आधी रात के बाद नाले में फेंका। गोली मार सुसाइड के कारण बहे खून को साफ किया। लेकिन, सुराग छूट गया था। पुलिस को घटनास्थल पर साक्ष्य मिले, तब इन लोगों ने पूरी कहानी बताई।