फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Happy Holi Bihar : पूरा बिहार में सराबोर, पर इस गांव की घुमौर होली है खास...द्वापर युग से चली आ रही परंपरा

Wed, 08 Mar 2023 11:57 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

Bihar: वैसे तो पूरे बिहार में होली मनाई जाती है लेकिन सहरसा में अनोखे अंदाज में होली मनाई जाती है। यहां होली भी बज्र की लठमार होली के तरह ही खास है। यहां की घुमौर होली प्रसिद्ध है।
विज्ञापन
बनगांव की घूमौर होली। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वैसे तो पूरे बिहार में होली मनाई जाती है लेकिन सहरसा में अनोखे अंदाज में होली मनाई जाती है। यहां होली भी बज्र की लठमार होली के तरह ही खास है। यहां की घुमौर होली प्रसिद्ध है। इसमें लोग एक दूसरे के कंधे  पर सवार होकर जोर अजमाइस करके होली मनाते हैं। यह जगह है सहरसा शहर से 8 KM दूर बनगांव। यहां का फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर हर साल वायरल होता है। 
विज्ञापन


द्वापर काल से यहां होली मनाई जा रही
पूरे देश में जिस दिन होली मनाई जाती है, उससे एक दिन पहले ही यहां होली मनाई जाती है। गांव के लोग बताते हैं  इसकी परंपरा भगवान कृष्ण के काल यानी द्वापर काल से यहां होली मनाई जा रही है। घुमौर होली की परंपरा 18वीं सदी में संत लक्ष्मीनाथ गोसाईं ने शुरू की थी। तब से आज तक यह परंपरा चलती आ रही है.
 

बनगांव की घूमौर होली। - फोटो : अमर उजाला
बैलजोड़ी होली का प्रदर्शन करते हैं
राज्य की सबसे बड़ी और घनी आबादी वाले और 3 पंचायत वाले इस 'बनगांव' की होली की अलग ही पहचान है। तस्वीर के माध्यम से देखा जा सकता है कि ग्रामीण सब कैसे घूमोर होली का आनन्द ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि सबसे पहले यहां भगवती स्थान में होली मनाई जाती है। भागवती स्थान के पास घूमौर होली खेली जाती है। इसमें इंसानों के साथ ही आसपास के इमारतों को भी रंग बिरंगे पानी के फव्वारे से सराबोर कर दिया जाता है। सभी लोग बैलजोड़ी होली का प्रदर्शन करते हैं। ग्रामीण भगवती स्थान के प्रांगण में आकर होली मनाते हैं। होली में गांव में सभी लोग आते हैं, जो बाहर भी रहते हैं, वह यहां आते हैं। ऐसा कोई नहीं जो होली में बनगांव नहीं आता हो। विभिन्न गलियों से गुजरते हुए भगवती स्थान में घूमोर होली का जो आयोजन होता है।
 
विज्ञापन

भगवान बुद्ध के साथ होली। - फोटो : अमर उजाला
यहां भगवान बुद्ध के साथ मनाई जाती है होली
नालंदा की होली इसलिए अनोखी है कि यहां लोग बुद्ध भगवान के साथ होली मनाते हैं। नालंदा मुख्यालय से 10 KM तेतरावां गांव की होली पालकाल से मनाई आ रही है। यहां लोग भगवान बुद्ध की प्रतिमा को बाबा भैरो के नाम से बुलाते हैं। भगवान बुद्ध की विशाल काले पाषाण की मूर्ति के साथ सामूहिक रूप से रंग-गुलाल लगाकर मनाते हैं। ग्रामीण बताते हैं नालंदा विश्वविद्यालय में जब पढ़ाई होती थी, उस वक्त मूर्ति कला की पढ़ाई इसी तेतरावां गांव में होती थी। उसी समय का इस भव्य मूर्ति का निर्माण हुआ था। यह मूर्ति भगवान बुद्ध की है। यहां जो भी लोग मन्नतें मांगते हैं उनकी पूरी होती है। यहां भगवान बुद्ध की प्रतिमा का विधि-विधान के साथ सफाई की जाती है। इसके बाद रवा और देसी घी का लेप लगाते हैं। फिर सफेद रंग की चादर चढ़ा भगवान बुद्ध की प्रतिमा को ग्रामीण रंग गुलाल और अबीर होली मनाते हुए मंदिर में भजन कृतन करते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें