बिहार सरकार ने समय से काम पूरा न कर पाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की है। बिहार सरकार ने कार्रवाई करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण में लगे 91 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। साथ ही 1490 अन्य ठेकेदारों को भी प्रतिबंधित किया है। सरकार ने ये कार्रवाई प्रोजेक्ट को समय पर पूरा नहीं कर पाने और कुछ मामलों में नियम और शर्तों का पालन न करने पर की है। गुरुवार को ये जानकारी ग्रामीण निर्माण मंत्री जयंत राज ने दी।
आरडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि ब्लैक लिस्टेड और डिबार ठेकेदारों ने न केवल समझौते का उल्लंघन किया है, बल्कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (एमएमजीएसवाई) और ग्रामीण टोला जैसी योजनाओं के तहत ग्रामीण सड़कों से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के सरकार के बार-बार अनुरोध को भी नजरअंदाज किया जिसके कारण यह कार्रवाई की गई।
मंत्री जयंत राज ने कहा कि जिन ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे ठेकेदार राज्य सरकार के ग्रामीण निर्माण विभाग में पंजीकृत थे। उन्होंने कहा कि राज्य में आरडब्ल्यूडी के साथ सूचीबद्ध लगभग 8,000 ठेकेदार हैं। इन ठेकेदारों के खिलाफ ये कार्रवाई उन परियोजनाओं से संबंधित उनकी प्रदर्शन रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिन्हें उन्होंने 2021-22 में संभाला था।
मंत्री जयंत राज ने कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा नहीं करना अपने आप में एक प्रकार का भ्रष्टाचार है क्योंकि इससे लागत में वृद्धि होती है और राजकोष पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन ठेकेदारों को विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति तक विभाग कोई भी निर्माण कार्य नहीं देगा।
मंत्री जयंत राज ने कहा कि पीएमजीएसवाई, एमएमजीएसवाई और जीटीएसएनवाई योजनाओं के तहत ग्रामीण सड़कों का निर्माण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण कार्य विभाग जल्द ही राज्य में इन योजनाओं के तहत नई 10,186 ग्रामीण सड़कों (कुल लंबाई लगभग 11,446 किलोमीटर) का निर्माण कार्य शुरू करेगा।
मंत्री जयंत राज ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के गांवों को ग्रामीण सड़कों से जोड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 45,672 बस्तियों को केंद्र सरकारी की प्रमुख योजना पीएमजीएसवाई के तहत और बाकी 22,450 बस्तियों को विभिन्न राज्य योजनाओं के तहत सड़कों से जोड़ा गया है।