गणतंत्र दिवस समारोह में मौजूद सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव।
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गणतंत्र दिवस समारोह में एक-दूसरे का अभिनंदन करते राज्यपाल और मुख्यमंत्री।
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अब तक 3 लाख 63 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि बिहार सरकार का प्रयास है कि युवाओं को ज्यादा-से-ज्यादा नौकरी एवं रोजगार के अवसर मिले। वर्ष 2020 में सात निश्चय-2 के अंतर्गत घोषणा की गयी थी कि आने वाले वर्षों में 10 लाख नौकरी एवं 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित किये जायेंगे। इसके तहत अबतक 3 लाख 63 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दे दी गयी है, इसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, पुलिस कर्मी एवं पदाधिकारी बने हैं। वर्तमान में 1 लाख 27 हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया जारी है जिसमें पुलिस, स्वास्थ्य, भूमि एवं राजस्व तथा अन्य विभागों के पद शामिल हैं। साथ ही लगभग 1 लाख युवाओं को संविदा पर नियोजित किया गया है। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों में लगभग 3 लाख पदों का सृजन किया गया है जिन पर नियुक्ति की जायेगी। इसके अलावे 5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। राज्य सरकार इस काम में लगी हुयी है और शीघ्र ही इस लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जायेगा।
बिहार की कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से जाति आधारित गणना करायी है और इसके आंकड़ों को जारी किया गया है, जिसके अनुसार बिहार की कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है, जिसमें 53 लाख 72 हजार 22 लोग बिहार के बाहर रह रहे हैं। जाति आधारित गुणना के अनुसार पिछड़ा वर्ग की 27.12 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा की 36.01 प्रतिशत, अनुसूचित जाति की 19.65 प्रतिशत, अनुसूचित जन जाति की 1.68 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग की 15.52 प्रतिशत आबादी है। समाज के सभी कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान के लिए राज्य में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके लिए कानून पारित हो गया है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए पूर्व से ही 10 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध है। सभी को मिलाकर कुल आरक्षण 75 प्रतिशत हो गया है। राज्य सरकार ने आरक्षण के नये कानून को संविधान की 9वीं अनुसूची में डालने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है।