फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: मोतीपुर चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन सरकार ने वापस ली, नई मिल और गन्ना रिसर्च सेंटर का रास्ता साफ

Thu, 09 Jul 2026 08:16 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार सरकार ने मोतीपुर चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन वापस लेकर नई चीनी मिल, गन्ना अनुसंधान संस्थान और अन्य औद्योगिक इकाइयों का रास्ता साफ किया है। इससे गन्ना किसानों को बाजार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विज्ञापन
चीनी मिल को मिलेगी नई पहचान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरपुर जिले की वर्षों से बंद पड़ी मोतीपुर चीनी मिल में एक बार फिर औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने मिल की 266 एकड़ लीज की जमीन को वापस अपने अधिकार में लेने का फैसला किया है। राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब यहां नई चीनी मिल, गन्ना अनुसंधान संस्थान और अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार ने पूर्व निवेशक आईपीएल के साथ करार समाप्त होने के बाद अदालत के आदेश के अनुसार 63.39 करोड़ रुपये का भुगतान कर जमीन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की है। इसके साथ ही नए निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

मोतीपुर चीनी मिल वर्ष 1997 तक उत्तर बिहार की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में शामिल थी। मिल बंद होने के बाद हजारों लोगों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रभावित हुआ था। गन्ना किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर उपज बेचने का बड़ा केंद्र समाप्त हो गया था, जिससे आसपास के बाजार और परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा।

विज्ञापन


पढे़ं: पीएमसीएच में इस महीने लगेंगी दो सीटी स्कैन और एक एमआरआई मशीन, बिहार में पहली बार रिसर्च आधारित सुविधा

सरकार की योजना के अनुसार 266 एकड़ भूमि पर नई चीनी मिल के साथ आधुनिक गन्ना अनुसंधान संस्थान स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा अन्य औद्योगिक इकाइयों के विकास की भी योजना है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मुजफ्फरपुर सहित आसपास के जिलों के गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध होगा।

गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि मोतीपुर चीनी मिल का पुनरुद्धार केवल औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर बिहार के किसानों, मजदूरों और युवाओं के लिए नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार बंद पड़ी औद्योगिक परिसंपत्तियों का पुनः उपयोग कर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और उद्योगों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें