बिहार के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाएं देने पर लगाई गई पूर्व की कड़ी पाबंदियों को वापस ले लिया है। अब कर्मचारी सेवा में रहते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे।
यही खबर भी पढ़ें-Bihar News : 'हमारा धर्म कबूल लो, वरना...' धमकाते रहे, फिर एक दिन लटकी मिली बेटी; बिहार में द केरल स्टोरी 2
नई सरकार ने बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 7 अप्रैल 2026 को जारी किए गए उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें बार-बार परीक्षा देने पर रोक लगाई गई थी। अब सरकारी कर्मियों को अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने की अनुमति फिर से मिल गई है। इससे पहले, बिहार सरकार ने 7 अप्रैल 2026 को एक विवादास्पद आदेश जारी कर कहा था कि कर्मचारी पूरी सेवा अवधि में केवल एक बार ही प्रतियोगी परीक्षा दे सकते हैं, और बार-बार परीक्षा देने के लिए नौकरी छोड़नी होगी।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : राजद का भाजपा पर हमला, कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम पर हो रही सिर्फ राजनीति
बिहार सरकार ने पहले आदेश के अनुसार छूट के लिए एक एक शर्त रखी थी। आदेश के अनुसार कर्मचारी केवल उसी स्थिति में परीक्षा दे सकते हैं, जब नई भर्ती का पे लेवल उनके वर्तमान पद से अधिक हो। ऐसे में भी उन्हें सिर्फ एक बार ही मौका मिलेगा। बिहार सरकार का मानना था कि पहले बिहार में सरकारी कर्मचारी कई प्रतियोगी परीक्षा दे सकते थे, लेकिन 2022 में नियम बदला और फिर सरकार ने आदेश दिया कि सरकारी कर्मचारी अधिकतम पांच बार अलग-अलग परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। विभाग का यह भी कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए कर्मचारियों को पहले विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता था। इस वजह से विभाग को काफी परेशानी होती थी।