गया नगर निगम के सफाईकर्मी पार्षदों द्वारा मारपीट किए जाने के बाद से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसके चलते शहर के गली-मोहल्लों में गंदगी का अंबार लग गया है। लगभग चार सौ टन कचरा शहर में पड़ा हुआ है। वहीं नगर सरकार के पार्षद, सफाईकर्मी और यूनियन के नेता इस मामले में एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। जिसका नतीजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
बता दें कि शहर के जीबी रोड, रामसागर रोड, गेवल बिगहा, विष्णुपद इलाके समेत अन्य कई मोहल्लों में गंदगी का बुरा हाल है। लोग कचरे के बीच रहने को विवश है। डेंगू का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म न हुई तो उन्हें कचरे के बीच ही दिवाली मनानी पड़ेगी। बता दें कि 3 दिन पहले वार्ड 38 के पार्षद पर निगम के सफाई पर्यवेक्षक के साथ मारपीट का आरोप लगा था। यह मामला अब तक सुलझा भी नहीं था कि वार्ड 29 में तैनात चालक ने पार्षद पति व बेटे पर मारपीट का आरोप लगाया है। इस संबंध में ड्राइवर ने नगर आयुक्त को लिखित आवेदन दिया है।
पीड़ित चालक राजू कुमार ने बताया कि पार्षद के पति व बेटे ने मारपीट की और गाली गलौज किया। इसके साथ ही जान मारने की धमकी दी है। इस संबंध में वार्ड 29 की पार्षद आशा देवी ने कहा कि उनके पति व बेटे ने मारपीट नहीं की है। एक जगह से कचरा उठाने के लिए कहा पर खुद ड्राइवर हाथापाई करने लगा। इस दौरान ड्राइवर ने दरवाजे पर आकर गाली गलौज तक की है। इधर यूनियन की ओर से सफाई पर्यवेक्षक के साथ मारपीट की घटना में कार्रवाई नहीं होने पर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गई है।