पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश और नेपाल द्वारा बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से यूपी-बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। राज्य के दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर समेत 11 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। यहां के छोटी-बड़ी नदियां उफान पर है। पिछले महीने गंडक नदी में नेपाल ने 4 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा था। सबसे ज्यादा कोसी और गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अचानक नदियों में पानी आने से लोग भयभीत हैं। लोग उंचे स्थानों पर ठहराव किए हुए हैं। हजारों लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए तो कई मजबूरन निचले इलाकों में ही ठहरे हैं। पूर्वी चंपारण ( मोतिहारी ) से निकलने वाली बुढ़ी गंडक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दरभंगा और मोतिहारी में तो कई इमारतें पानी में समा गई हैं।
मोतिहारी में नदी किनारे एक मकान देखते ही देखते जमींदोज हो गया। भवानीपुर में पांच कमरों का मकान धराशायी हो गया। गनीमत रही कि मकान में उस वक्त कोई नहीं था। नहीं तो इसमें कई लोगों की जानें जा सकती थी। मकान पानी में ढहने की वजह नदी में ज्यादा पानी आना और जमीन का खिसकना माना जा रहा है। बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर और कई इलाकों में पानी भरने के बाद लोग निचले स्थानों को छोड़कर ऊंचे इलाकों में जा रहे हैं। आम लोगों के साथ-साथ बाढ़ के कारण मवेशियों के लिए भी संकट पैदा हो गया है।
स्वास्थ्य केंद्र की गिरी दीवार
दरभंगा जिले के अतिहार गांव से भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई है। वीडियो में एक इमारत के चारों तरफ पानी देखा जा सकता है। थोड़ी ही देर में इमारत की एक दीवार भर भराकर गिर गई। यह बिल्डिंग उप-स्वास्थ्य केंद्र का है, जो बाढ़ के पानी में ढह गया। पिछली बार भी दरभंगा में बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई थी।
कई नदियों का बढ़ा जलस्तर
गंडक, बागमती, कमला और महानंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कमला और बागमती नदी जो खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। वहीं, गंडक नदी के जलस्तर के बढ़ने से पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और सारण में स्थिति बिगड़ती जा रही है।