राजद विधायक विभा देवी और मुकेश रोशन ने प्रशासन का विरोध किया।
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बिहार में सरकार कर्मचारी पर भ्रष्टचार के आरोप लगते रहे हैं। जनता और विपक्षी दल के नेता तो घूसखोरी, पद का दुरुपयोग करने समेत कई तरह के आरोप लगाते हैं। लेकिन, अब सतारूढ़ दल के विधायक ही पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाने लगे हैं। पहले राजद विधायक विभा देवी ने जन वितरण प्रणाली में धांधली का मुद्दा उठाकर अपने ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गईं थी। अब महुआ से राजद विधायक डॉ मुकेश रोशन ने अपने ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
राजद विधायक बोले- शराब माफिया और बालू माफिया के साथ थानेदार की सांठगांठ
राजद विधायक डॉ मुकेश कुमार रौशन ने शुक्रवार सुबह से हाजीपुर कचहरी मैदान परिसर में
एक दिवसीय धरना पर बैठ गए। उन्होंने सदर थानेदार अश्मित कुमार पर आरोप लगाया और विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, इससे पहले विधायक ने वैशाली SP से 24 घंटे के अंदर थानेदार को सस्पेंड करने की मांग की थी। लेकिन थानेदार पर कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने आरोप लगाया कि शराब माफिया, बालू माफिया और भू माफिया के साथ सदर थानेदार की सांठगांठ है। इससे वह वह अवैध रूप से धन अर्जित कर रहे हैं। जब भी कोई पीडित व्यक्ति सदर थाने पर आवेदन लेकर जाता है बिना पैसा लिए प्राथमिकी दर्ज नहीं करते हैं।
जन वितरण प्रणाली में धांधली का मुद्दा उठाया था राजद विधायक ने
बता दें कि फरवरी माह में जन वितरण प्रणाली में धांधली का मुद्दा राजद विधायक विभा देवी अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठ गईं थी। उन्होंने कलेक्ट्रेट गेट पर समर्थकों के साथ धरना दिया था और बिहार सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। दरसअल, यह मामला तब बढ़ गया हुआ जब एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के अनुश्रवण समिति की बैठक के दौरान नवादा की विधायक विभा देवी ने जन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था। विधायक ने कहा कि गरीबों को 5 किलो की जगह 4 किलो अनाज मिल रहा है। इस मामले की जांच की जाए। उन्होंने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई के बजाय विधायक से ही ऐसे डीलरों का नाम पूछ लिया। यह किसी तरह से न्याय संगत नहीं था। सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना कहीं से गलत नहीं है।