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Bihar News : राजभवन से बड़े केके पाठक! कुलाधिपति का आदेश मानने वाले वीसी, रजिस्ट्रार समेत तीन पर केस कराया

Sun, 03 Mar 2024 09:21 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/ दरभंगा/ मधेपुरा

सार

दरभंगा और मधेपुरा (बीएनएमयू) विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ शिक्षा विभाग ने प्राथमिकी दर्ज करवा दी है। आरोप है कि यह सभी अधिकारी केके पाठक की ओर से बुलाई गई बैठक में 28 फरवरी को शामिल नहीं हुए थे। 
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सीनियर आईएएस अधिकारी केके पाठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे लेकिन उससे अपना राजभवन से सीधे तौर पर भिड़ गए हैं। दरभंगा और मधेपुरा (बीएनएमयू) विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ शिक्षा विभाग ने प्राथमिकी दर्ज करवा दी है। आरोप है कि यह सभी अधिकारी केके पाठक की ओर से बुलाई गई बैठक में 28 फरवरी को शामिल नहीं हुए थे। विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को राजभवन की ओर से जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय के यह अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए। शिक्षा विभाग ने पहले इन अधिकारियों को वेतन रोक दिया। इतना ही नहीं इन लोगों का बैंक अकांउट भी फ्रीज करवा दिया। 

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रविवार शाम को जानकारी मिली कि दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ दरभंगा के जिला शिक्षा पदाधिकारी समर बहादुर सिंह द्वारा विश्वद्यालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसकी पुष्टि करते हुए एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया है। जिस पर उन्होंने जांच कर कार्रवाई करने का सम्बंधित थाना को निर्देश दिया है। बता दें विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कुमार चौधरी, रजिस्ट्रार अजय कुमार पंडित एवं परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार ओझा को पूर्व अपर शिक्षा सचिव केके पाठक द्वारा पटना में बैठक शामिल होने को लेकर पत्र भेजा था। जिसमें इन अधिकारियों ने अपर शिक्षा सचिव के निर्देश का उलंघन करते हुए बैठक से दूरी बनाई थी। इसको लेकर विभाग इन अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई थी और अब विभाग ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सीधा प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दिया गया आवेदन
ललित नारायण मिथला यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी, कुलसचिव अजय पंडित और परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार ओझा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का विश्वविद्यालय थाने में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दिया आवेदन दिया है। परीक्षा अधिनियम 1976 के उल्लंघन सहित कई मामलों की अनदेखी को लेकर कार्रवाई करने का आवेदन किया गया है। वहीं बीएनएमयू (भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. बिमलेंदु शेखर झा, कुलसचिव डॉ. मिहिर कुमार ठाकुर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शशिभूषण शामिल नहीं हुए थे। बताया गया कि भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 120 बी, 166, 166ए, 174, 175, 176, 176, 179 और 187 का उल्लंघन मानते हुए जानबूझकर विश्वविद्यालयों के परीक्षा मामले से संबंधित आधिकारिक कार्य में बाधा डाली गई, जो गैर कानूनी है। यह आरोप लगाकर इन तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।  
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लंबित शैक्षणिक सत्र को नियमित करने के मुद्दे पर विचार विमर्श करने बुलााई गई थी बैठक
विश्विद्यालय थानाध्य्क्ष सुधीर कुमार ने वरीय पदाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया है। आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, 28 फरवरी को शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों की बैठक बुलाई थी। इसमें कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को शामिल होने को कहा गया था। कहा गया था कि बैठक में लंबित शैक्षणिक सत्र को नियमित करने के मुद्दे पर विचार विमर्श किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने अपने पत्र में कहा था कि विश्वविद्यालयों में समय से परीक्षा का संचालन और सत्र नियमित करने की जवाबदेही राज्य सरकार की है।सरकार विश्वविद्यालयों में परीक्षा कैलेंडर को तय करने में सक्षम है। ऐसे में छात्र हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर बुलाई गई बैठक से अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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