उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर शहर की एक कोर्ट में जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती के खिलाफ केस दायर करने के लिए याचिका लगाई गई है। इसमें कहा गया है कि पूर्व सीएम ने गत दिनों मांग की थी कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधान बहाल किए जाएं और पाकिस्तान के साथ बातचीत फिर से शुरू की जाए।
मुजफ्फरपुर के एक स्थानीय एक्टिविस्ट चंद्र किशोर पाराशर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अर्जी दायर की है। इसमें उन्होंने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी से हाल ही में बातचीत से पहले और बाद में महबूबा मुफ्ती द्वारा कही गई बातों से उन्हें बहुत निराशा हुई है।
बता दें, पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के नेताओं की सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें राज्य में चुनाव की संभावनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया था। पाराशर ने याचिका में आरोप लगाया कि मुफ्ती के बयान से सीमापार आतंकवाद को नए सिरे से बढ़ावा मिला।
इन धाराओं में केस दायर करने की मांग
याचिका में कहा गया है कि विवादित बयानों को लेकर महबूबा के खिलाफ भादंवि की धारा 109, 110, 111 (अपराध के लिए उकसाना), 120 बी (आपराधिक साजिश), 124 (सरकार के खिलाफ जंग छेड़ना), 323 (जानबूझकर आहत करना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना)।
बयानों से सदमा लगा तो इलाज कराना पड़ा
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि महबूबा के बयानों को लेकर अखबारों व न्यूज चैनलों में आई रिपोर्टों से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा और उसका इलाज कराना पड़ा। याचिका पर नियमित प्रक्रिया के तहत कोर्ट में सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 जून को जम्मू-कश्मीर को लेकर राज्य के सभी दलों के 14 नेताओं की दिल्ली में बैठक की थी। इसमें सरकार ने पुनर्गठित राज्य में परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने और चुनाव कराने के अपने एजेंडे का रखा। वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा व कुछ अन्य दलों के नेताओं ने अनुच्छेद 370 के हटाए गए प्रावधान बहाल करने की मांग की थी।