Patna Police: पटना के मनेर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ के दौरान जेपी यादव समेत तीन आरोपियों की मौत पर सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल लगातार सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहा है। पहले मीसा भारती और अब भाई वीरेंद्र ने इस मामले पर बड़ा आरोप लगाया, आइये जानते हैं पूरा मामला...
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बिहार में पुलिस एनकाउंटर को लेकर सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि राज्य में मुस्लिम और यादव समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन समुदायों के लोगों को एनकाउंटर में मारा जा रहा है। वहीं, कुछ लोगों को कथित तौर पर फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है और उन्हें जमानत भी नहीं मिलने दी जा रही है। भाई वीरेंद्र ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरीके से एनकाउंटर हो रहे हैं, वह गलत है। सिस्टम इस तरह नहीं चलता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
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विधान परिषद चुनाव में जदयू को मिली हार के बाद समीक्षा कमेटी बनाए जाने और एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं होने के सवाल पर भी भाई वीरेंद्र ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बिहार में फिर खेला होगा। उन्होंने नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पता चल गया है कि चुनाव में किन लोगों ने उनके साथ गड़बड़ी और भीतरघात किया। भाई वीरेंद्र ने कहा कि नीतीश कुमार दो बार ऐसी स्थिति देख चुके हैं और अब फिर यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि किन लोगों ने उनके साथ चुनाव में खेल किया है।
एक दिन पहले मीसा भारती ने भी लगाया था बड़ा आरोप
मीसा भारती ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि क्राइम खत्म करेंगे, लेकिन पुलिस के द्वारा निर्दोष लोगों की हत्या कराई जा रही है। उन्होंने एनकाउंटर की पूरी घटना पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। सांसद ने कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और मृतकों के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए। अस्पताल में इस दौरान मृतकों के परिजन और समर्थक भी मौजूद रहे।
मनेर एनकाउंटर में तीन लोगों की हुई थी मौत
दरअसल, पटना के मनेर थाना क्षेत्र में छह नवंबर को बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम की अपराधियों से मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर टीम कुछ अपराधियों को पकड़ने पहुंची थी। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का दावा है कि अपराधियों की ओर से 24 से अधिक राउंड फायरिंग की गई थी। घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, तीनों का आपराधिक इतिहास था और मनेर में अष्टमी के दिन हुई हत्या के मामले में भी उनकी संलिप्तता सामने आई थी।
एसएसपी बोले- आत्मरक्षा में पुलिस ने की जवाबी कार्रवाई
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आपराधिक इतिहास रखने वाले कुछ लोग बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसी सूचना पर एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने मनेर में कार्रवाई की। एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीम के पहुंचते ही अपराधियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली मनेर थानाध्यक्ष की वर्दी को छूते हुए निकल गई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीन लोग घायल हुए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। एसएसपी के मुताबिक, मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और तीनों शवों का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया जाना है।