2015 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जनसभाओं को संबोधित किया था। तब भाजपा जद(यू) से अलग होकर चुनाव लड़ रही थी। 2017 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में कोई प्रतिद्वंदिता नहीं है। विधानसभा चुनाव 2020 में साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री की पहली जनसभा 23 अक्टूबर को सासाराम में होगी। इसके बाद वह इसी दिन गया और भागलपुर में लोगों को संबोधित करेंगे। 28 अक्टूबर को दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना में होंगे। एक नवंबर को छपरा, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में लोगों से एनडीए के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगेंगे। आखिरी दिन प्रधानमंत्री सहरसा, अररिया, फारसिबगंज में जनता को संबोधित करेंगे।
बिहार में विधानसभा चुनाव प्रचार की तैयारी चरम पर है। सांसद हरीश द्विवेदी के अलावा के कई केंद्रीय मंत्री और सांसद तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। भाजपा की आईटी सेल ने सोशल मीडिया पर प्रचार अभियान को धार देने की रुपरेखा बना ली है। प्रधानमंत्री की जनसभाओं को लेकर पार्टी ने विशेष सावधानियां बरतते हुए रुपरेखा तैयार की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री की जनसभा को देखते हुए जनसभा वाले स्थान पर सैनिटाइजर, हाथ धोने के इंतजाम आदि प्रचुर मात्रा में किए जाएंगे।
भाजपा प्रचार अभियान से जुड़े आईटी सेल के सूत्र की मानें तो प्रधानमंत्री की जनसभा वर्चुल होगी। भीड़-भाड़ से बचने, शारीरिक दूरी का पालन कराने का प्रयास रहेगा। सभी मानकों का पालन और लोगों की सुविधा को देखते हुए प्रधानमंत्री की जनसभा को फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण का प्रबंध किया गया है। व्हाट्सअप से भी पार्टी के कार्यकर्ता लोगों को प्रधानमंत्री के विचारों से जोड़ेंगे।