सीएम नीतीश के साथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (फाइल फोटो)
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बिहार में अक्तूबर-नवंबर के महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में भाजपा, जनता दल यूनाइडेट (जदयू), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि एनडीए में सीटों के तालमेल की घोषणा एक हफ्ते में हो सकती है। हालांकि एनडीए के घटक दलों के कुछ वर्तमान विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों का आगाज कर दिया है। विधायक साफ बोलने से कतरा रहे हैं लेकिन उन्हें उम्मीद है कि उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया जाएगा।
2010 के फॉर्मूले पर बन सकती है बात
सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों भाजपा और जदयू के शीर्ष नेताओं के बीच बैठक में सीटों के तालमेल पर लगभग सहमति बन चुकी है। राजनीति के विशेषज्ञों का कहना है कि जदयू-भाजपा के बीच इस तरह से सीटों का तालमेल होने का मतलब साफ है कि 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव के फॉर्मूले पर ही सीटों का बंटवारा हो सकता है। इसी कारण माना जा रहा है कि जदयू 119 और भाजपा 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। अन्य सीटों के लिए लोजपा और हम के बीच तालमेल किया जा सकता है।
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दिल्ली में हो सकती है भाजपा, जदयू और लोजपा के नेताओं की मुलाकात
सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में संसद के मानसून सत्र की वजह से सभी दलों के शीर्ष नेता इन दिनों दिल्ली में हैं। इसलिए सीटों के तालमेल को लेकर भाजपा और जदयू के बड़े नेताओं के बीच तीन-चार दिनों में दिल्ली में दूसरी बैठक हो सकती है। इसके अलावा भाजपा और लोजपा के बीच शीर्ष स्तर पर बैठक हो सकती है। सभी बैठकों के बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति पर सीट बंटवारे को लेकर घोषणा होने की संभावना है।