Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है लेकिन अब तक गठबंधन को लेकर उहाफोह की स्थिति बरकरार है। एनडीए में जहां लोजपा को लेकर रस्साकशी जारी है वहीं उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) भी असमजंस की स्थिति में है। महागठबंधन की बात करें तो यहां कांग्रेस और राजद के बीच स्थिति अब साफ होती नजर आ रही है। हालांकि वामदलों को लेकर राजद और कांग्रेस में भी खींचतान जारी है।
एनडीए के घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने 42 सीटों की मांग की है। यदि उसकी मांग पूरी नहीं होती है तो वह अकेले चुनावी मैदान में उतर सकती है। सूत्रों की मानें तो लोजपा चाहती है कि उन्हें 2015 की तरह ही 42 सीटों पर चुनाव लड़ने दिया जाए। पार्टी की दलील है कि 2014 में उनकी पार्टी ने सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था तो उन्हें एक लोकसभा सीट के अनुपात से छह विधानसभा सीट पर जीत हासिल हुई थी। वहीं 2019 लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने छह लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन्हें एक राज्यसभा सीट मिली थी। ऐसे में विधानसभा चुनाव में उसे 42 सीटें मिलनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान आज बिहार भाजपा के प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर सकते हैं। यदि सीटों पर सहमति नहीं बनती है तो पार्टी अगले दो दिन में अलग चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर सकती है।
माना जा रहा है कि चुनाव से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष अपनी पार्टी को दोबारा एनडीए में शामिल कर सकते हैं। उनका एनडीए में आना लगभग तय हो गया है। महागठबंधन से अलग होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा कि उनकी एनडीए से बातचीत चल रही है। रालोसपा, एनडीए का एक स्वाभाविक साझेदार है। इसे लेकर एक-दो दिन में फैसला हो जाएगा। वहीं भाजपा भी चुनाव से पहले अपने किसी सहयोगी का साथ नहीं छोड़ना चाहती है। इसलिए पार्टी रालोसपा को गठबंधन में लाने की पूरी कोशिश करेगी।
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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बात बन गई है। सूत्रों के अनुसार राजद ने इस बार कांग्रेस को 58 सीटों का ऑफर दिया है। वहीं लोकसभा के उपचुनाव के लिए राजद ने कांग्रेस को वाल्मिकीनगर की सीट दी है। महागठबंधन से मांझी के जाने के बाद कुशवाहा को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि राजद इस बार कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने के मूड में है। कांग्रेस को 58 विधानसभा और एक लोकसभा उप चुनाव की सीट देने के ऑफर को लेकर राजद विधायक विजय प्रकाश ने बयान दिया है। वहीं कांग्रेस नेता राजेश राठौड़ का कहना है कि ऑफर पर हमारे और राजद के शीर्ष नेतृत्व ने सबकुछ तय कर लिया है। जल्द ही सबके सामने इसका खुलासा किया जाएगा।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है। आधे घंटे की मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत हुई। जानकारी के अनुसार मांझी ने नीतीश को अपने उम्मीदवारों के बारे में बताया है। चुनाव की तारीखों के एलान के बाद ये दोनों नेताओं की पहली मुलाकात थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद कहा कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से सीटों के बंटवारे को लेकर एक अक्तूबर को बात होगी। उन्होंने नीतीश से आठ सीटें मांगी हैं।