बिहार के मुंगेर में बीती रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक शख्स की मौत के बाद से बवाल मचा हुआ है। गुस्साए लोगों ने गुरुवार को पूरब सराय थाने में आग लगा दी। उग्र भीड़ ने कई पुलिस वाहन फूंक दिए। एसडीओ व डीएसपी के दफ्तर व आवास पर भी पथराव किया गया।
जिले की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने जिला कलेक्टर राजेश मीणा व एसपी लिपि सिंह को हटा दिया। आज ही नए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की तैनाती की जाएगी। आइए जानते हैं 'लेडी सिंघम' आईपीएस लिपि सिंह कौन हैं, आखिर क्यों वो इस मामले के बाद विवादों से घिर गई हैं।
राजनीतिक परिवार से ताल्लुकात
2016 बैच की आईपीएस लिपि सिंह बिहार के नालंदा जिला की रहने वाली है और राजनीतिक परिवार से ताल्लुकात रखती हैं। उनके पिता आरसीपी सिंह भी एक आईएएस अफसर रह चुके हैं और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। आरसीपी सिंह को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है और वे पार्टी का चुनावी प्रबंधन भी देखते हैं।
पिता के राजनीति में होने से लाभ लेने का आरोप
ऐसी भी चर्चा है कि ट्रेनिंग के बाद ज्यादातर पोस्टिंग में वो अपने पिता आरसीपी सिंह के आसपास ही रही हैं।अब राजनीतिक दल ये सवाल उठा रहे हैं कि ये जानते हुए भी कि आरसीपी सिंह के रिशतेदार और नीतीश कुमार के करीबी हैं फिर भी इन्हें चुनाव के दौरान ड्यूटी पर क्यों लगाया गया।
बाहुबली विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी को लेकर भी रही चर्चा में
लिपि सिंह पिछले साल उस समय और अधिक चर्चा में तब आ गई थी जब उन्होंने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी घटना के बाद आईपीएस लिपि सिंह को एएसपी से पदोन्नत करके मुंगेर का पुलिस कप्तान बनाया गया था।
पति हैं आईएएस अधिकारी
वहीं उनके पति सुहर्ष भगत भी आईएएस हैं और फिलहाल बांका के डीएम हैं। इनके पति पर भी राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगते रहे हैं।
मुंगेर घटना के बाद लोगों ने बताया 'जनरल डायर'
मुंगेर में पुलिस की कार्रवाई के बाद लोग उनकी तुलना जालियांवाला बाग़ नरसंहार के जनरल डायर से कर रहे हैं।