स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में पकड़ी गई घोर लापरवाही पर कुछ तर्क भी दिए। उन्होंने बताया कि कई सारे लोगों की मौत होम आइसोलेश में हुई। काफी लोग संक्रमित होने के बाद दूसरे जिलों में चले गए, जहां उनकी मौत हो गई। कुछ लोगों की मौत अस्पताल जाने के क्रम में हुई, तो कुछ मौतें पोस्ट कोविड भी हुई। इस कारण मौतों का सही आंकड़ा नहीं मिल पाया।
जिलों से भेजा गया मृतकों का गलत आंकड़ा
बिहार सरकार हर दिन कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा जारी कर रही थी। सरकार के पास जिलों से रिपोर्ट भेजे जा रहे थे, उन्हें जोड़ कर मौत का पूरा आंकड़ा जारी किया जा रहा था। अब सरकारी जांच में पता चला कि जिलों से मृतकों की, जो संख्या भेजी जा रही थी, उसमें बड़े पैमाने पर हेरा-फेरी की गई। जिलों ने मृतकों की सही संख्या भेजी ही नहीं। लिहाजा, गलत आकंड़े जारी किए गए।