बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष का पद किसी खास परिवार और आदमी के लिए पहले से तय है। कादरी ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद उनकी लोकतांत्रिक सोच में बदलाव आ गया है और अब वे प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की बोली बोलने लगे हैं।
कौकब कादरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में धर्म के आधार पर पदों और टिकटों का बंटवारा नहीं होता है। उन्होंने बताया कि कांग्रेसी नेता अहमद पटेल हाल में ही गुजरात से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। कादरी ने कहा कि देश राहुल गांधी के युवा नेतृत्व को स्वीकार कर रहा है।
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इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक संवाद के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा था कि कांग्रेस पार्टी में नंबर एक का पद पहले से ही तय होता है। नीतीश ने कहा था कि पार्टी में चुनाव सिर्फ दूसरे नंबर और उसके नीचे के पदों के लिए ही होता है। नीतीश ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा था कि कांग्रेस में नंबर एक का पद नेहरू-गांधी परिवार के व्यक्तियों के लिए ही पहले से तय है और यही कांग्रेस पार्टी का संस्कार है।
गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी राहुल के मंदिर जाने को मुद्दा बना रही है। इस सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि वोटों के लिए लोग कहीं भी चले जाते हैं और इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं। हालांकि उन्होंने इस बात को लेकर सवाल उठाया कि आखिर क्यों कांग्रेस ने गुजरात में मुसलमानों को कम टिकट दिया है और क्यों मुस्लिम नेताओं को मंच पर बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही। हालांकि उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी द्वारा मुसलमानों को न के बराबर टिकट दिए जाने के मुद्दे पर कुछ नहीं बोला।