बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीएम पद छोड़ने और राज्यसभा जाने के मामले पर आज चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि मीडिया में कुछ भी प्रकाशित कर देते हैं, मैं भी इसे पढ़कर हैरान हो जाता हूं। यानी कि सीएम नीतीश ने राज्यसभा जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके बाद उन्होंने विधान परिषद चुनाव को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार ही विजयी होंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि विधान परिषद में हमारी संख्या और बढ़ेगी। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को उनकी पार्टी जेडीयू ने भी इसे अपवाह बताया था। बिहार के मंत्री व जदयू नेता संजय झा ने कहा कि ये अफवाह और शरारत है। ये बातें सच्चाई से परे है।
सीएम नीतीश के बयान से ही बढ़ी थीं अटकलें
दरअसल, इन अटकलों की शुरुआत तब हुई थी जब खुद सीएम नीतीश ने राज्यसभा जाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद राजनीति जगत के साथ-साथ मीडिया में भी अटकलें यह लगने लगी कि नीतीश को अगला उपराष्ट्रपति बनाया जा सकता है और बिहार में भाजपा का कोई मुख्यमंत्री होगा। बता दें कि सीएम नीतीश ने बयान देते हुए कहा था कि मुझे राज्यसभा जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन अभी के लिए, मेरे पास मुख्यमंत्री की जिम्मेदारियां हैं। मैं 16 साल से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं, तो मुझे नहीं पता।
राबड़ी के यागी मॉडल वाली बात पर डिप्टी सीएम ने दिया जवाब
छपरा में बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने राबड़ी देवी के योगी मॉडल वाली बात जवाब देते हुए कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री हैं हम उनका सम्मान करते हैं लेकिन उनकी टिप्पणी के बारे में कुछ नहीं कहूंगा। यूपी में योगी जी बेहतर शासन दे रहे हैं और बिहार में भी हमने कई चीज़ों को बदला है। उन्होंने अपराध को लेकर कहा इस तरह की जो घटना है हमें आहत करती है, हमें खुद भी अच्छा नहीं लगता है कि हमारे लोग इस तरह से शिकार होते हैं, ये हमारे लिए भी चुनौती होती है लेकिन बिहार स्वयं सक्षम है।
क्या कहा था राबड़ी ने?
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बीते बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के अपने समकक्ष योगी आदित्यनाथ के साथ पदों की अदला-बदली कर लेनी चाहिए क्योंकि नीतीश की सहयोगी भाजपा योगी के शासन मॉडल’’ को बेहतर बता रहे हैं और इसे यहां लागू किए जाने की बात कर रहे हैं। बिहार विधान परिषद के बाहर राजद नेता राबड़ी देवी ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने में कथित रूप से विफल रहने और ‘‘डबल इंजन’’ सरकार (केंद्र और राज्य में राजग का शासन) के दावों के बावजूद शराबबंदी को प्रभावी ढंग से नहीं लागू किए जाने के लिए मौजूदा राज्य सरकार की आलोचना करते हुए यह टिप्पणी की।