बिहार के छपरा जिले में पुल तक पहुंचने वाली सड़क मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उद्घाटन से पहले ही टूट गई। हालांकि उद्घाटन से पहले आनन-फानन में मरम्मत कार्य पूरा किया गया और नीतीश कुमार ने बुधवार को गोपालगंज के बंगराघाट पुल का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन कर दिया।
पुल बनने में छह साल लगा
11 अप्रैल 2014 को मुख्यमंत्री ने 509 करोड़ रुपये की लागत से महासेतु परियोजना का शिलान्यास राजापट्टी में किया था। पुल के चालू होने से गोपालगंज, सीवान और सारण से मुजफ्फरपुर की दूरी 55 किलोमीटर, दरभंगा की दूरी 65 किलोमीटर और जनकपुर की दूरी 70 किलोमीटर कम हो जाएगी।
तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल
चुनावी साल होने की वजह से नीतीश कुमार जहां लगातार नए-नए पुल का उद्घाटन कर विकास का श्रेय लेने में लगे हुए हैं वहीं विपक्षी पार्टी आरजेडी सरकार की नाकामियों का मुद्दा उठाने में लगी हुई है। अब सड़क टूटा तो तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर नीतीश सरकार पर हमला कर दिया। तेजस्वी ने ट्वीट किया, "नीतीश कुमार ने वर्षों से 509 करोड़ की लागत से बन रहे बंगरा घाट पुल का अभी आनन-फानन में उद्घाटन कर दिया लेकिन पुल की अप्रोच पथ टूटी हुई है। टूटे हुए पुलों, पथों और बांधों के उद्घाटन की इन्हें इतनी जल्दी क्यों है? उद्घाटन से पहले ही पथ टूटना इनके काले भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है?"
इससे पहले गोपालगंज आरजेडी ने ट्वीट कर कहा कि 'गोपालगंज का बंगरा घाट का पुल जो सीएम द्वारा उद्घाटन के पहले ही टूट गया। अब भाजपा-जेडीयू वाले हल्ला करेंगे कि पुल नहीं अप्रोच रोड टूटा है जैसे अप्रोच रोड विपक्ष ने बनाया हो। सीएम फिर भी उद्घाटन करेंगे क्योंकि वो आजकल किसी भी नई, पुरानी, जर्जर, टूटी चीजों का उद्घाटन करने को आमादा हैं!'
महासेतु छपरा और मुजफ्फरपुर के साथ चंपारण को भी जोड़ेगा
509 करोड़ रुपये की लागत से बना यह बंगरा घाट महासेतु छपरा और मुजफ्फरपुर के साथ चंपारण को भी जोड़ेगा। गोपालगंज जिले में गंडक पर बना यह चौथा महासेतु है। बैकुंठपुर में बने इस बंगरा घाट महासेतु को स्वतंत्रता दिवस से पहले आम लोगों के लिए खोला जाएगा। 1506 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ाई वाले इस पुल को बनाने में लगभग छह साल लगे हैं। इस पुल के बनने से करीब 30 लाख की आबादी को सीधा लाभ होगा।
बता दें कि बीते 16 जून को गोपालगंज जिले में ही सत्तरघाट पर बने एक छोटे पुल का अप्रोच सड़क ढह गया था। तब मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा था कि सत्तरघाट पुल में तीन छोटे ब्रिज हैं। सत्तरघाट ब्रिज से दो किलोमीटर दूर छोटे ब्रिज का अप्रोच केवल पानी के तेज बहाव से कटा है। सत्तरघाट पुल को 264 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। सत्तरघाट पुल को भी नीतीश कुमार ने ही जनता को समर्पित किया था।