मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हो गई। इसमें दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल थे। आज कैबिनेट की बैठक में कुल 47 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने विभिन्न जिलों में पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से राज्य के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार होगा। सीएम सम्राट चौधरी की ओर से बताया गया कि मधुबनी जिले में शांजा विश्वविद्यालय, सिवान में एक नए निजी विश्वविद्यालय, नवादा जिले के अशोक नगर में एस.ए. विश्वविद्यालय, पटना में हिमालय विश्वविद्यालय तथा औरंगाबाद के जसोइया मोड़ में सीतयोग विश्वविद्यालय की स्थापना और संचालन किया जाएगा। संबंधित संस्थानों को निर्धारित नियमों और मानकों के तहत विश्वविद्यालय संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है।
शिक्षकों के ट्रांसफर नियमावली को स्वीकृति
पर्यटन और सूचना प्रोद्योगिकी में किस प्रस्ताव पर लगी मुहर
पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बोधगया के बौद्ध, जैन एवं सांस्कृतिक स्थलों के समग्र विकास हेतु पर्यटन विभाग और इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के बीच एमओयू की मंजूरी दी गई। इसके अलावा मोकामा में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 10.11 एकड़ भूमि हस्तांतरण तथा रिलायंस देवस्थानम के साथ समझौते को भी स्वीकृति मिली। राज्य में पर्यटन अधोसंरचना के विकास के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को 5,000 करोड़ रुपये तक ऋण लेने के लिए अधिकृत किया गया। पटना जिले के मोकामा शहर में सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए मोकामा खास मौजा की 10.11 एकड़ भूमि को बिहार खासमहल नीति, 2011 के प्रावधानों से शिथिल करते हुए टूरिज्म डेवलपमेंट के लिए हस्तांतरित करने तथा रिलायंस देवस्थानम, तिरुपति, आंध्र प्रदेश के साथ एमओयू करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है।
AI इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए क्या कदम उठाया गया?
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बिहार सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए कई निजी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने को मंजूरी दी है। इनमें एलेस्टैरिया प्राइवेट लिमिटेड, कोरओवर प्राइवेट लिमिटेड, सर्वम एआई सॉल्यूशंस और गूगल क्लाउड इंडिया शामिल हैं।
शहरी और ग्रामीण विकास में किन प्रस्तावों पर लगी मुहर
शहरी विकास को गति देने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत 76.48 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। साथ ही भवन योजनाओं की ऑनलाइन स्वीकृति प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण हेतु हुडको के साथ एमओयू करने और छपरा, सासाराम, मुजफ्फरपुर तथा भागलपुर आयोजना क्षेत्रों के विकास प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। ग्रामीण विकास विभाग के तहत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए अतिरिक्त 24.67 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वहीं जीविका समूहों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से बिहार राज्य जीविका रोजगार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य ग्रामीण रोजगार परिषद के गठन को मंजूरी दी गई।
श्रम संसाधन विभाग के नए नियमों को स्वीकृति
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग से जुड़े कई नए नियमों को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली। इनमें अप्रेंटिसशिप संवर्धन नियमावली-2026, सामाजिक सुरक्षा निधि नियमावली-2026, व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य नियमावली-2026 और मजदूरी संहिता (बिहार) नियमावली-2026 शामिल हैं। इन नियमों का उद्देश्य श्रमिकों की सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगार के अवसरों को मजबूत करना है।
Bihar News: आईएएस अफसर सहित सात के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; रिशुश्री के टेंडर घोटाले में क्या-क्या सामने आया?