हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने सोमवार को ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ दलितों को भोज के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, ब्राह्मणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं एवं पार्टी समर्थकों ने कार्यक्रम में उनके साथ हाथापाई की।
ब्राह्मणों के खिलाफ अपनी टिप्पणी से विवाद पैदा करने के कुछ दिनों बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने सोमवार को ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ दलितों के लिए एक भोज का आयोजन किया। हालांकि, ब्राह्मणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं एवं पार्टी समर्थकों ने कार्यक्रम में उनके साथ हाथापाई की।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि ब्राह्मण महादलितों के घर जाते थे, लेकिन वहां खाना नहीं खाते थे और इसके बजाय पैसे मांगते थे। सोमवार को भोज में लोगों के समक्ष चूड़ा, दही, तिलकुट और सब्जियां परोसी गई थी। लेकिन उस वक्त हंगामा हो गया जब एक ब्राह्मण ने आरोप लगाया कि उनके साथ हम पार्टी के समर्थकों ने बदतमीजी की। कुछ अन्य ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए ब्राह्मणों के नेता यशराज ने कहा, जिस तरह से हमारे सामने खाना परोसा जा रहा था, वह हमें पसंद नहीं आया। उसके लिए हमने आपत्ति जताई तो मांझी के समर्थकों ने हाथापाई की। यदि उनके मन में हमारे प्रति सम्मान नहीं है तो उन्होंने हमें क्यों आमंत्रित किया। उसके बाद हमने भोज का बहिष्कार कर दिया।
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हम पार्टी के प्रमुख मांझी उपस्थित लोगों को भोजन परोसने वालों में से थे। यशराज ने दावा किया कि मांझी ने हमारे लोगों के सामने शर्तें रखीं। हमसे पूछने वाला वह कौन है कि हम क्या खाते हैं और क्या नहीं। मांझी कोई अधिकारी नहीं हैं। कार्यक्रम में इस मामले को उठाने वाले सभी ब्राह्मणों के साथ हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा समर्थकों ने मारपीट की। फिर कई बार के प्रयासों के बावजूद मांझी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेताओं से सम्पर्क नहीं हो सका।