बिहार के बेगूसराय में पुलिस की अमानवीयता का एक मामला सामने आया है। मामला लाखो थाना क्षेत्र के निपनिया गांव का है। यहां बुधवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव सड़क किनारे मिला था। शव एक या दो दिन पुराना था। ऐसे में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए सफाईकर्मियों को बुलवाया। इस दौरान शव को सम्मान के साथ ले जाने के बजाय पैर में रस्सी बांधकर घसीटते हुए उसे ले जाया गया। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
शनिवार को वीडियो वायरल होने के बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया। इसके बाद मामले की जांच की गई। जांच के आधार पर बेगूसराय जिले के एक पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने मामले की जानकारी देते हुए बताया। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि लाखो थाना क्षेत्र के निपनिया गांव में बुधवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव सड़क किनारे मिला था। उप-निरीक्षक अनिल कुमार सिंह को मामले की जांच करने और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए कहा गया था। उन्होंने दो सफाई कर्मियों को लगाया, जिन्होंने बेहद अमानवीय तरीके से शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल ले गए।
कुमार ने यह भी कहा कि यह एक अमानवीय कृत्य है। एक पुलिस अधिकारी को इस तरह से शव को संभालने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि शव को मोर्चरी में ले जाने के दौरान भी पैरों में रस्सी बांधकर उसे खींचा गया था। उन्होंने बताया कि ये पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले ने पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए है। फिलहाल मामले में दोषी एसआई को निलंबित कर दिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।