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Bihar: बिहार भाजपा अध्यक्ष ने दिया बेतुका बयान, कहा- मुस्लिम बहुल जिलों में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या

Wed, 07 Sep 2022 11:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

2011 की जनगणना के अनुसार, किशनगंज में 67 फीसदी मुस्लिम आबादी है। बिहार के किसी भी जिले में ये सबसे ज्यादा है। इसके बाद अररिया का नंबर आता है। अररिया में मुस्लिमों की आबादी का आंकड़ा 43 फीसदी है।
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संजय जायसवाल (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बुधवार को बेतुका बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के दो जिलों में जनसंख्या वृद्धि दर दुनिया में सबसे ज्यादा है। उन्होंने इसके लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती मौजूदगी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अररिया की नेपाल सीमा पर बसने वाले विदेशी बड़ा खतरा हैं। उन्होंने ये बयान अररिया में दिया। दरअसल, इस महीने के आखिर में पूर्णिया में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक रैली होनी है। इस रैली को सफल बनाने की तैयारियों के सिलसिले में वह अररिया में थे। 

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यहां राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के किशनगंज और अररिया दो ऐसे जिले हैं, जहां की जनसंख्या वृद्धि दर केवल पाकिस्तान के कबायली क्षेत्रों और इथियोपिया के कुछ हिस्सों की तरह है। गौरतलब है कि 2011 की जनगणना के अनुसार, किशनगंज में 67 फीसदी मुस्लिम आबादी है। बिहार के किसी भी जिले में ये सबसे ज्यादा है। इसके बाद अररिया का नंबर आता है। अररिया में मुस्लिमों की आबादी का आंकड़ा 43 फीसदी है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कानून का लागू न होना इसकी बड़ी वजह है। उनके इस बयान के बाद अल्पसंख्यकों में उनके प्रति नाराजगी है।

हालांकि बाद में राज्य भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने अपने बयान के संदर्भ में कहा कि मैने एक तथ्य बताया था।उनके इस बयान का केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे से कोई लेना देना नहीं हैं। जायसवाल ने कहा कि वह जनसंख्या स्थिरीकरण की जरूरत पर जोर दे रहे थे, जिसे पश्चिम बंगाल में हासिल किया गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि कम बच्चे पैदा करने वालों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
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गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री 23-24 सितंबर को पूर्णिया  दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद अमित शाह का यह पहला बिहार दौरा होगा। ऐसे में नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) इस बात को लेकर आशंकित है कि वह दौरे पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर सकते हैं।

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