राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को नक्सल आतंकी फंडिंग मामले में पांच जगहों पर छापेमारी की। एजेंसी ने बिहार के जहानाबाद, गया और औरंगाबाद जिलों में छापेमारी की। इससे पहले एनआईए ने तीन सितंबर को माओवादियों की भर्ती और वसूली मामले में बिहार में कई जगह छापा मारा था।
नआईए के प्रवक्ता ने बताया था कि औरंगाबाद, गया, रोहतास और पटना जिले में आरोपियों और संदिग्धों के आधा दर्जन ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। मामला शुरू में रोहतास पुलिस ने 12 अप्रैल को दर्ज किया था। बाद में एनआईए ने 26 अप्रैल को दोबारा एफआईआर दर्ज की। अधिकारी ने बताया कि तलाशी में डिजिटल उपकरणों और दस्तावेज समेत आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। मामले में जांच जारी है।
पटना टेरर मॉड्यूल मामले का खुलासा बिहार पुलिस ने PFI समूह के साथ कथित संबंधों और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की उनकी योजना के लिए तीन लोगों की गिरफ्तारी के साथ किया था। मामले में झारखंड के एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज को 13 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ इलाके से गिरफ्तार किया गया था, जबकि नूरुद्दीन जंगी को तीन दिन बाद उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने बिहार पुलिस के अनुरोध पर लखनऊ से गिरफ्तार किया था। इसके बाद मरगूब दानिश, अरमान मलिक और शब्बीर आलम को अरेस्ट किया गया था।
तीन मजदूरों की मौत
दूसरी ओर भागलपुर के सैदपुर गांव में शौचालय के सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान तीन मजदूरों की मृत्यु हो गई। गोपालपुर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि शटरिंग खोलते समय 3 मजदूर अंदर गिर गए। उन्हें निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। 2 की मृत्यु हो गई, एक का उपचार किया जा रहा है।