फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने वाले पति पर रेप केस दर्ज करो: बगहां SP

Tue, 23 Jan 2018 09:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
बिहार में बगहां के एसपी ने निर्देश दिया है कि नाबालिग पत्नियों के साथ संबंध बनाने वाले पतियों के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज किया जाए। एसपी का यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में दिए गए आदेश के अनुरूप है। सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 को असंवैधानिक करार दिया था। 
विज्ञापन


पश्चिमी चंपारण जिले में उपमंडल बगहां के एसपी ने अपने क्षेत्र के सभी एसएचओ को निर्देश दिया है कि, '18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ शारीरिक संबंधों के सभी मामलों को बलात्कार माना जाए और उसके मुताबिक ही कार्रवाई की जाए।' 
 

गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर महीने में देश की सर्वोच्च अदालत ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश दिया था कि, 'आईपीसी की धारा 375 का वो प्रावधान असंवैधानिक है जिसके तहत पति को छूट है कि अगर वो 15 से 18 साल उम्र की पत्नी से शारीरिक संबंध बनाएगा तो वो रेप नहीं।' 
विज्ञापन


सर्वोच्च न्यायालय ने फैसले में कहा कि 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना रेप हो सकता है, अगर नाबालिग पत्नी इसकी शिकायत एक साल में करती है तो। कोर्ट ने कहा कि शारीरिक संबंधों के लिए उम्र 18 साल से कम करना असंवैधानिक है। 
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की सभी दलीलों को ठुकराया

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट एक संगठन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि 15 से 18 साल के बीच शादी करने वाली महिलाओं को किसी तरह का संरक्षण नहीं है। याचिका में कहा गया कि लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल है। लेकिन इससे कम उम्र की लड़कियों की शादी हो रही है। 15 से 18 वर्ष की लड़कियों की शादी अवैध नहीं होती है, लेकिन इसे अवैध घोषित किया जा सकता है। 

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि बाल विवाह सामाजिक सच्चाई है और इस पर कानून बनाना संसद का काम है। कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता। 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की तमाम दलीलों को ठुकराते हुए अपने फैसले में कहा कि, 'संसद ने ही यह कानून बनाया है कि 18 से कम उम्र की बच्ची शादी नहीं कर सकती और ना ही सेक्स के लिए सहमति दे सकती है। और संसद ने बाल विवाह को कानूनन अपराध बनाया है। फिर उसी बच्ची का बाल विवाह हो जाए और पति जबरन सेक्स करे तो वह अपराध नहीं? ये बिलकुल बेतुका और असंवैधानिक है।' 

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि, '18 साल से कम उम्र में शादी बच्ची के सेहत से खिलवाड़ है। यह संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत बराबरी के हक और अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार का भी हनन करता है।' 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें