फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: टिकट न मिलने पर फूट-फूटकर रोया रालोसपा नेता

विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार चुनावों में जैसे जैसे सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा होती जा रही है, वैसे-वैसे ही पार्टियों की कलह सामने आती दिख रही है। असंतुष्ट बड़े नेताओं पर निशाना साध रहे हैं तो रिश्ते नातों के मायने भी खत्म होते जा रहे हैं।
विज्ञापन


दो दिन पहले लोकजनशक्ति पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज केन्द्रीय मंत्री और पार्टी अध्यक्ष राम विलास पासवान के दामाद अनिल साधु ने उन पर जमकर निशाना साधा था। उन्हें पुत्र मोह में धृतराष्ट्र तक कह डाला। जिसके बाद पासवान को उन्हें पार्टी से निकालने पर मजबूर होना पड़ा था।

वहीं, सोमवार को उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी के एक नेता ने भरी बैठक में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने कुशवाहा को भी नहीं बख्शा कहा पैसे लेकर टिकट दिए जा रहें और कर्मठ कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें चुप कराना चाहा तो वो फूट फूटकर रोने लगे और धक्का मुक्की शुरू कर दी।
विज्ञापन

रालोसपा की मीटिंग में हुआ हंगामा

वाक्या सोमवार सुबह का है। जब पटना में पार्टी की एक मीटिंग चल रही थी। इसी दौरान टिकट की दौड़ में पीछे रहने वाले अशोक गुप्ता ने वहां पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया।

शुरूआत में पार्टी पदाधिकारियों ने मामले को हल्के में लेते हुए उनसे शांत रहने की अपील की। लेकिन अशोक गुप्ता का हंगामा लगातार बढ़ता रहा। उन्होंने सीधे पार्टी अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए। पार्टी नेताओं ने उन्हें यह कहकर समझाने की कोशिश की कि अभी तो उम्‍मीदवारों की सूची ही नहीं आई है तो आप परेशान क्यों हैं।

लेकिन गुप्ता काफी नाराज दिख रहे थे। कार्यकर्ताओं ने उन्हें जबरन बाहर निकालने का प्रयास किया तो वह बिफर गए और रोना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में पार्टी की मीटिंग अखाड़े में तब्दील हो गई। हालांकि काफी देर चले हंगामे के बाद जैसे तैसे गुप्ता को उठाकर बाहर ले जाया गया।
RLSP's Ashok Gupta cries & throws a tantrum after being denied a ticket for #BiharPolls by theparty.pic.twitter.com/ZwHxngOAQN— ANI (@ANI_news) September 21, 2015
विज्ञापन

पासवान के दामाद ने उन्हें बताया धृतराष्ट्र

वहीं दो पूर्व केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान के दामाद और दलित सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनिल साधु ने अपने ससुर पर ही निशाना साध दिया था। लोजपा के संसदीय बोर्ड के सदस्य रहे अनिल साधु कुंटबा से टिकट की मांग कर रहे थे लेकिन गठबंधन के तहत वो सीट जीतन राम मांझी की हम पार्टी के पास चली गई।

लेकिन वह लगातार वहीं से टिकट की मांग पर अड़े हुए थे। हालांकि उनकी शिकायत केवल सीट को लेकर ही नहीं थी बताया जाता है वो पार्टी में लंबे समय से अपनी उपेक्षा से नाराज चल रहे थे। टिकटों के बंटवारे में भी उनकी नहीं सुनी जा रही थी।

उनकी टीस ये भी थी कि ससुर राम विलास पासवान बेटे चिराग पासवान के सामने उन्हें बिल्कुल तवज्जो भी नहीं दे रहे थे। इससे भड़के अनिल साधु ने कह दिया था कि यही चिराग उनकी झोपड़ी में आग लगाएगा।

साधु ने आरोप लगाया कि पासवान ने अपने भाई पशुपति पासवान और दूसरे भाई रामचन्द्र पासवान के बेटे प्रिंस को टिकट दे दिया लेकिन दामाद को टिकट नहीं दिया। इन आरोपों के बाद रामविलास पासवान ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया ‌था। जिसके बाद साधु ने भी पासवान वाली सभी 40 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर दी थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें