बिहार के चर्चित हिमांशु हत्याकांड मामले में अदालत ने सुनवाई करते हुए 19 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं हिमांशु के परिजनों की सुरक्षा में पुलिस बल अभी भी तैनात है। घटना के बाद से अदालत के आदेश पर हिमांशु के परिजनों को सुरक्षा दी गई है।
क्या हुआ था
दरअसल हिमांशु हत्याकांड का यह मामला प्रेम संबंध का है, जिसमें कजरैली थाने के गोराचौकी गांव में ट्यूशन पढ़ाने के दौरान हिमांशु और सोनी के बीच प्रेम हो गया था। घटना के सालभर पहले दोनों घर से भाग गए थे। कजरैली थाने में सोनी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी लेकिन बरामद होने के बाद सोनी ने अपहरण की घटना से इंकार किया था।
20 अप्रैल, 2017 को दोनों दोबारा घर से भाग गए और 24 अप्रैल को गोनूधाम मंदिर में शादी कर ली थी। शादी के बाद दोनों दिल्ली चले गए थे। इस दौरान सोनी गर्भवती हो गई। गांव का माहौल सामान्य होने के बाद घटना के दो सप्ताह पहले घर लौटे थे। गांव लौटने के बाद गांव में फिर से तनाव उत्पन्न हो गया था।
5 जून, 2017 की शाम लड़की पक्ष की ओर से पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत के फैसले के बाद लड़की पक्ष की ओर से गई भीड़ ने हिमांशु की हत्या कर उसकी मां जैलस देवी को घायल कर दिया था। कजरैली थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार गांव के कुछ लोगों ने हिंमांशु की गर्भवती पत्नी सोनी का अपहण कर लिया था।
वहीं, हत्याकांड के दोषी सोनी के पिता परमानंद यादव समेत 19 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। जबकि अपहरण की गई सोनी की बरामदगी के लिए भागलपुर और बांका में छापेमारी की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। थाना प्रभारी कौशल भारती ने कहा कि आशंका है कि अपहरण के बाद सोनी की हत्या कर शव को गायब कर दिया गया है।